नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर असर पड़ने के बावजूद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने शनिवार को इस क्षेत्र के लिए कुल 80 उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है। इन उड़ानों में निर्धारित (शेड्यूल्ड) और गैर-निर्धारित (नॉन-शेड्यूल्ड) दोनों प्रकार की सेवाएं शामिल होंगी।
दरअसल, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई संचालन काफी प्रभावित हुआ है। कई एयरलाइनों को अपनी सेवाओं में बदलाव करना पड़ा है और कुछ मार्गों पर उड़ानों को अस्थायी रूप से स्थगित भी करना पड़ा है। इसके बावजूद एअर इंडिया समूह ने यात्रियों की आवाजाही को बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
एयरलाइन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, 14 मार्च को जेद्दा और मस्कट के लिए नियमित रूप से निर्धारित सेवाएं संचालित की जाएंगी। इन दोनों गंतव्यों के लिए कुल 18 निर्धारित उड़ानें तय की गई हैं। इन उड़ानों के जरिए बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो काम, व्यापार या पारिवारिक कारणों से इस क्षेत्र की यात्रा करते हैं।
इसके अलावा, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानों का भी संचालन करेंगी। इनकी संख्या 62 बताई गई है। ये विशेष उड़ानें मांग और परिस्थिति के अनुसार चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को अधिक से अधिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
हालांकि एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि इन गैर-निर्धारित उड़ानों का संचालन प्रस्थान हवाई अड्डों पर उपलब्ध स्लॉट, हवाई क्षेत्र की स्थिति और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। यदि किसी हवाई अड्डे पर स्लॉट उपलब्ध नहीं होता है या सुरक्षा कारणों से उड़ान संचालन प्रभावित होता है, तो समय-सारिणी में बदलाव किया जा सकता है।
एअर इंडिया समूह का कहना है कि वह मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा के माध्यम से अवश्य जांच लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति के बावजूद उड़ानों का संचालन जारी रखने का फैसला उन हजारों यात्रियों के लिए राहतभरा है, जिन्हें भारत और खाड़ी देशों के बीच नियमित रूप से यात्रा करनी होती है।