RBI's move will help in controlling inflation and maintaining economic stability: Bank officials
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बैंक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक का नीतिगत दर बढ़ाने का कदम महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा, जबकि मजबूत घरेलू मांग और कर्ज प्रवाह के कारण आर्थिक वृद्धि की गति कायम रहने की उम्मीद है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत ब्याज दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। साथ ही नीतिगत रुख को तटस्थ से बदलकर ‘सूझ-बूझ के साथ सख्त’ करने का निर्णय किया।
इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रेपो दर में बढ़ोतरी महंगाई के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए संतुलित और एहतियाती कदम है।
श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मौद्रिक नीति के रुख को ‘सूझ-बूझ के साथ सख्त’ करने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है और आगे के नीतिगत कदम आर्थिक वृद्धि तथा महंगाई के दबाव के रुख पर निर्भर करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज दर में बढ़ोतरी का असर स्वाभाविक रूप से कर्जदारों, खासकर आवास ऋण लेने वाले ग्राहकों और छोटे कारोबारों पर पड़ेगा। बैंकों को ऊंची ब्याज दरों को ग्राहकों तक पहुंचाने के साथ-साथ उत्पादक कर्ज की मांग को समर्थन देना भी जारी रखना होगा।’’