आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को कहा कि भारत सितंबर, 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद कर राजस्व में मामूली गिरावट आने का अनुमान होने के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने में सफल रहेगा।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में वित्तीय अनुशासन को लेकर अपनी स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई है, जिससे स्थिर समेकन की दिशा मजबूत होती है और यह वैश्विक अपेक्षाओं के अनुरूप है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 प्रतिशत और 2026-27 में 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के साथ स्पष्ट रूपरेखा पेश की है, जो वृद्धि और जिम्मेदारी के साथ खर्च के बीच संतुलन का संकेत देता है।
एसएंडपी ने कहा, “हमारा मत है कि भारत वित्त वर्ष 2026-27 में घाटे का अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा, भले ही सरकार ने जीएसटी की आय को कम आंका हो। मजबूत खपत और संग्रह क्षमता में वृद्धि से जीएसटी राजस्व बढ़ सकता है।”
एजेंसी ने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक से लगातार मिलने वाले लाभांश और संभावित पूंजीगत व्यय में कमी भी घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में मददगार होंगे।
रेटिंग एजेंसी ने यह अनुमान लगाया कि उपभोक्ता खर्च और सार्वजनिक निवेश भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर को अगले वित्त वर्ष में 6.7 प्रतिशत और 2027-28 में सात प्रतिशत पर बनाए रखेंगे। यह दरें भारत को समान आय स्तर वाले अन्य देशों से आगे रखेंगी और राजकोषीय आय बढ़ाने में मदद करेंगी।