आईबीबीआई ने रियल एस्टेट परियोजनाओं की दिवाला प्रक्रिया के नियमों में किया संशोधन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
IBBI amends rules for insolvency proceedings of real estate projects
IBBI amends rules for insolvency proceedings of real estate projects

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही रियल एस्टेट परियोजनाओं के समाधन में तेजी लाने के लिए भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत परियोजना वार समाधान, अधिक पारदर्शिता, घर खरीदारों के हितों की रक्षा और विस्तृत लागत आकलन का प्रावधान किया गया है।

इन उपायों से अधिक व्यावहारिक बोलियां आकर्षित करने में मदद मिलेगी। रियल एस्टेट की अटकी हुई परियोजनाओं के समाधान में आ रही समस्याओं, चुनौतियों और हो रही देरी के कारण घर खरीदार प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते हुए नियामक ने यह संशोधन किया है।
 
आईबीबीआई, दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) को लागू करने वाली एक प्रमुख संस्था है। यह संहिता बाजार से जुड़े और समयबद्ध तरीके से फंसी परिसंपत्तियों के समाधान के लिए रूपरेखा प्रदान करता है।
 
नियामक ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य रियल एस्टेट परियोजनाओं के अधिक व्यवहार्य और बेहतर जानकारी पर आधारित समाधान को बढ़ावा देना, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाना तथा दिवाला प्रक्रिया में घर खरीदारों और अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा करना है।
 
आईबीबीआई के अनुसार, संशोधित नियम समाधान प्रक्रिया के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं की पहचान करने और उन्हें अलग करने में मदद करेंगे, साथ ही घर खरीदारों को कब्जा सौंपने की प्रक्रिया को भी आसान बनाएंगे।
 
आईबीसी के तहत दिवाला प्रक्रिया का संचालन समाधान पेशेवर (आरपी) या अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) करता है। समाधान योजना पर फैसला ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) लेती है। इसके बाद योजना को न्यायनिर्णायक प्राधिकरण यानी राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मंजूरी मिलना जरूरी होता है।