आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने शुक्रवार को कहा कि बैंकों को पारंपरिक कर्ज देने से आगे बढ़कर कारोबारियों को वित्तीय संसाधनों और निवेश के अवसरों से जोड़ने में मदद करनी चाहिए। इससे पश्चिम बंगाल की औद्योगिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
लाहिड़ी ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से यहां आयोजित एक बैंकिंग सम्मेलन में कहा कि बैंक अपने व्यापक कारोबारी नेटवर्क, उद्योग जगत से संबंधों और संभावित परियोजनाओं की जानकारी का इस्तेमाल कर निवेश बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा, ''क्या बैंक कर्ज देने से आगे बढ़कर काम कर सकते हैं? तकनीकी रूप से, हां। बैंक कारोबारियों को वित्त के उपयुक्त स्रोतों से जोड़ने में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।''
लाहिड़ी ने कहा कि देश में क्षेत्रीय स्तर पर कर्ज वितरण में काफी अंतर है। वर्ष 2023 में पूर्वी क्षेत्र का ऋण-जमा अनुपात 47.5 प्रतिशत था, जो सभी क्षेत्रों में सबसे कम था। इसकी तुलना में दक्षिणी क्षेत्र में यह अनुपात 93.6 प्रतिशत, पश्चिमी क्षेत्र में 82.8 प्रतिशत और उत्तरी क्षेत्र में 77.5 प्रतिशत था। केंद्रीय क्षेत्र में यह अनुपात 56.1 प्रतिशत और पूर्वोत्तर में 50 प्रतिशत था।