सोने में मजबूती बने रहने की संभावना, चांदी में स्थिरता संभवः विश्लेषक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-01-2026
Gold likely to remain strong, silver likely to remain stable: Analysts
Gold likely to remain strong, silver likely to remain stable: Analysts

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
सुरक्षित निवेश की मांग और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से नीतिगत दर में कटौती की उम्मीदों के चलते आने वाले सप्ताह में सोने की कीमतों में तेजी का रुख बने रहने की संभावना है, जबकि तेज उछाल के बाद चांदी में कारोबार कुछ हद तक स्थिर या सीमित दायरे में रह सकता है। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
 
विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों की नजर अगले सप्ताह वैश्विक स्तर पर जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के आंकड़े, निजी उपभोग व्यय सूचकांक, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और बेरोजगारी भत्ते से जुड़े दावे शामिल हैं।
 
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े औद्योगिक धातुओं के लिहाज से अहम होंगे। इसके अलावा, विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन और व्यापार शुल्कों से जुड़े अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बाजार की दिशा तय करने वाले कारक होंगे।
 
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बीते सप्ताह सोने का वायदा भाव 3,698 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान सोने ने बुधवार को 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर भी हासिल किया।
 
मेर ने कहा, "कमजोर रुपये और सुरक्षित निवेश की मांग से घरेलू बाजार में सोने को समर्थन मिला। हालांकि शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली होने से सोने की कीमतों में कुछ नरमी आई।"
 
विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों की नजर अगले सप्ताह वैश्विक स्तर पर जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के आंकड़े, निजी उपभोग व्यय सूचकांक, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और बेरोजगारी भत्ते से जुड़े दावे शामिल हैं।
 
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े औद्योगिक धातुओं के लिहाज से अहम होंगे। इसके अलावा, विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन और व्यापार शुल्कों से जुड़े अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बाजार की दिशा तय करने वाले कारक होंगे।
 
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बीते सप्ताह सोने का वायदा भाव 3,698 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान सोने ने बुधवार को 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर भी हासिल किया।
 
मेर ने कहा, "कमजोर रुपये और सुरक्षित निवेश की मांग से घरेलू बाजार में सोने को समर्थन मिला। हालांकि शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली होने से सोने की कीमतों में कुछ नरमी आई।"
विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों की नजर अगले सप्ताह वैश्विक स्तर पर जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के आंकड़े, निजी उपभोग व्यय सूचकांक, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और बेरोजगारी भत्ते से जुड़े दावे शामिल हैं।
 
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े औद्योगिक धातुओं के लिहाज से अहम होंगे। इसके अलावा, विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन और व्यापार शुल्कों से जुड़े अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बाजार की दिशा तय करने वाले कारक होंगे।
 
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बीते सप्ताह सोने का वायदा भाव 3,698 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान सोने ने बुधवार को 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर भी हासिल किया।
 
मेर ने कहा, "कमजोर रुपये और सुरक्षित निवेश की मांग से घरेलू बाजार में सोने को समर्थन मिला। हालांकि शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली होने से सोने की कीमतों में कुछ नरमी आई।"