तिरुचिरापल्ली।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तमिलनाडु के Tiruchirappalli International Airport पर बुधवार को कुल 31 निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार इनमें 16 आगमन और 15 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कार्यक्रम में बदलाव के कारण यह व्यवधान पैदा हुआ है। कई एयरलाइनों ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया है। कुछ उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं, जबकि कुछ को अन्य मार्गों पर भेजा गया है।
इसी बीच पश्चिम एशिया से लौटे भारतीय यात्रियों ने कहा कि हालात चिंताजनक जरूर हैं लेकिन वहां घबराहट जैसी स्थिति नहीं है। बुधवार को केरल के Cochin International Airport पहुंचे कुछ यात्रियों ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
फुजैरा से आए एक यात्री ने कहा कि दुबई से सीधी उड़ान नहीं मिलने के कारण उन्हें दूसरे मार्ग से यात्रा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यूएई में स्थिति सामान्य है और वहां की सरकार हालात को संभाल रही है।
अबू धाबी से लौटे एक अन्य यात्री ने कहा कि रात में गोलाबारी की आवाजें जरूर सुनाई देती थीं, जिससे चिंता होती थी। इसके बावजूद लोग अपने काम पर जा रहे हैं और सामान्य जीवन जारी है।
इससे पहले सोमवार को Thiruvananthapuram International Airport से भी बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित होने की खबर आई थी। वहां कुल 89 उड़ानों को रद्द करना पड़ा था।
स्थिति को देखते हुए Airports Authority of India ने देश के सभी हवाई अड्डों को निर्देश जारी किए हैं। उनसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उपलब्ध विमान ईंधन के भंडार की जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों को मौजूदा ईंधन स्टॉक, औसत दैनिक खपत और अगले सात दिनों की जरूरत का विवरण भेजने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग और संचालन पर बड़ा असर पड़ रहा है। कई एयरलाइनों ने यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए वैकल्पिक उड़ानें और अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायली लक्ष्यों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है।





