त्योहारी खरीदारी में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल, आखिरी समय में खरीदारी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 24-09-2026
Festive shopping set to become more AI-led, last-minute as consumer budgets rise: Report
Festive shopping set to become more AI-led, last-minute as consumer budgets rise: Report

 

नई दिल्ली 
 
InMobi की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के फेस्टिव शॉपिंग सीज़न में ब्रांड्स को AI-आधारित डिस्कवरी और खरीदारी के छोटे समय (विंडो) के हिसाब से खुद को ढालना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्राहक ज़्यादा खर्च करने का इरादा दिखा रहे हैं और डिजिटल रिव्यू, सर्च और पर्सनलाइज़्ड सुझावों पर ज़्यादा भरोसा कर रहे हैं।
 
रिपोर्ट में बताया गया है कि 62 प्रतिशत फेस्टिव खरीदार त्योहारों से ठीक पहले वाले महीने में अपनी खरीदारी शुरू करते हैं। पिछले साल की तुलना में आखिरी समय में खरीदारी करने वालों (त्योहार से एक हफ़्ते या उससे कम समय पहले खरीदारी करने वाले) की संख्या में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उम्मीद है कि इससे ब्रांड्स समय पर और पर्सनलाइज़्ड कैंपेन चलाने की ओर बढ़ेंगे क्योंकि फेस्टिव शॉपिंग का समय कम हो रहा है।
 
ग्राहकों के खर्च करने की योजनाएं भी एक मज़बूत फेस्टिव सीज़न की ओर इशारा कर रही हैं। केवल 4 प्रतिशत खरीदार कम खर्च करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 96 प्रतिशत ग्राहकों का बजट या तो स्थिर है या बढ़ रहा है। लगभग 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने पिछले साल की तुलना में अपना फेस्टिव शॉपिंग बजट बढ़ाया है, जबकि पांच में से तीन खरीदार 10,000 रुपये से ज़्यादा खर्च करने की योजना बना रहे हैं।
 
7 से 11 अगस्त, 2026 के बीच 1,110 ग्राहकों पर की गई एक ऑन-डिवाइस स्टडी पर आधारित इस रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि खरीदारों को ग्राहक बनाने में डिस्काउंट से ज़्यादा भरोसा अहम भूमिका निभा सकता है। 27 प्रतिशत लोगों के लिए ब्रांड पर भरोसा खरीदारी का सबसे बड़ा कारण था, जबकि डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफ़र 22 प्रतिशत लोगों के लिए अहम थे।
 
AI खरीदारी की प्रक्रिया का एक और अहम हिस्सा बनकर उभर रहा है। पांच में से चार ग्राहकों ने कहा कि वे फेस्टिव सीज़न के लिए AI शॉपिंग असिस्टेंट चाहते हैं, जबकि 89 प्रतिशत ने स्मार्ट सर्च सुझावों, 81 प्रतिशत ने वर्चुअल प्रोडक्ट ट्राई-ऑन और 75 प्रतिशत ने AI-आधारित सुझावों में दिलचस्पी दिखाई।
 
रिपोर्ट में टियर-2 बाज़ारों के बढ़ते महत्व पर भी ज़ोर दिया गया है; वहां 35 प्रतिशत खरीदार 10,000-25,000 रुपये खर्च करने की योजना बना रहे हैं, जबकि टियर-1 शहरों में यह आंकड़ा 33 प्रतिशत है।
 
फ़ैशन 51 प्रतिशत के साथ फेस्टिव शॉपिंग में सबसे आगे है, इसके बाद ज्वेलरी (40 प्रतिशत) और ग्रॉसरी व रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें (37 प्रतिशत) हैं। इस बीच, त्योहारों के दौरान खरीदारी करने वाले 73 प्रतिशत लोग आखिर में ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, जो डिजिटल खोज और कॉमर्स की बढ़ती भूमिका को दिखाता है।