नई दिल्ली
इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) ने गुरुवार को बताया कि भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026 में एग्ज़िबिशन स्पेस लगातार दूसरे साल पूरी तरह बुक हो गया है। साथ ही, 30 अगस्त के बाद से खरीदारों के रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारतीय चावल सप्लायर्स के लिए विदेशी ग्राहकों से जुड़ने के मौके बढ़ गए हैं। यह कॉन्फ्रेंस 23 से 25 अक्टूबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। 2025 में हुए पहले एडिशन के सफल आयोजन के बाद, इस बार भी इवेंट से दो हफ़्ते से ज़्यादा समय पहले ही एग्ज़िबिशन पूरी तरह बुक हो गई।
IREF की प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कॉन्फ्रेंस के रजिस्ट्रेशन प्लेटफ़ॉर्म पर 30,097 रजिस्टर्ड यूज़र्स दर्ज किए गए हैं। 7 अक्टूबर को तैयार की गई देश-वार रिपोर्ट में 150 से ज़्यादा देशों से 4,649 खरीदारों के रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए। ये आंकड़े कॉन्फ्रेंस से पहले के रजिस्ट्रेशन को दिखाते हैं, न कि पक्की उपस्थिति को। 30 अगस्त को दर्ज 3,317 रजिस्ट्रेशन के मुकाबले खरीदारों के रजिस्ट्रेशन में 1,332 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारतीय सप्लायर्स और संभावित ग्राहकों के बीच बिज़नेस मैचमेकिंग और बातचीत के लिए एक बड़ा आधार तैयार हुआ है।
IREF के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट और ओलम इंडिया के डिप्टी कंट्री हेड, नितिन गुप्ता ने कहा, "लगातार दूसरी बार पूरी तरह बुकिंग होना BIRC और भारत के चावल उद्योग द्वारा दिए जाने वाले मौकों पर भरोसे का एक मज़बूत संकेत है। लेकिन एग्ज़िबिशन का भरना तो बस शुरुआत है। हमारी प्राथमिकता एग्ज़िबिटर्स और खरीदारों की मदद करना है ताकि वे अपनी भागीदारी को नए ग्राहकों, अलग-अलग बाज़ारों और लंबे समय तक चलने वाले बिज़नेस रिश्तों में बदल सकें। BIRC 2026 प्रोडक्ट की खोज, मार्केट इंटेलिजेंस और सीधे कमर्शियल जुड़ाव को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर लाता है।" प्रमुख विदेशी बाज़ारों में बेनिन 282 खरीदार रजिस्ट्रेशन के साथ सबसे आगे है, उसके बाद नाइजीरिया में 278 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात में 188, सऊदी अरब में 174 और दक्षिण अफ्रीका में 167 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं।
फिलीपींस, सेनेगल, इथियोपिया, कोटे डी आइवर, इंडोनेशिया, इराक, अल्जीरिया और तुर्की में से प्रत्येक में 100 से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं। इस कॉन्फ्रेंस में ऐप-बेस्ड बिज़नेस-टू-बिज़नेस मीटिंग्स होंगी, जिससे खरीदार, एक्सपोर्टर, मिलर और दूसरे लोग अपनी ज़रूरतों के हिसाब से बातचीत तय कर सकेंगे, संभावित पार्टनर ढूंढ सकेंगे और सोर्सिंग के मौकों का पता लगा सकेंगे। शुरुआती दो दिनों में एग्ज़िबिशन के साथ-साथ कई सेशन भी होंगे। इनमें 2027 के लिए चावल की ग्लोबल मांग और सप्लाई के हालात, बासमती और नॉन-बासमती चावल के लिए मार्केट में एंट्री की रणनीतियां, मिलिंग से होने वाले मुनाफ़े और कच्चे चावल के अलावा दूसरे मौकों पर चर्चा होगी।
बातचीत का मुख्य फोकस संभावित मांग, मार्जिन बचाने और प्रोसेसिंग व प्रोडक्ट से जुड़े उन मौकों पर होगा जिनसे इन्वेस्टमेंट आ सके। दूसरे सेशन में डॉक्यूमेंटेशन, इंश्योरेंस और क्रेडिट, शिपिंग, क्वालिटी और सर्टिफ़िकेशन, पॉलिसी और ट्रेड इंसेंटिव, और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर चर्चा होगी। प्रोग्राम में 'राइस सेक्टर विज़न 2047' की शुरुआत, इनोवेशन की जानकारी और एंबेसडर्स की मीटिंग भी शामिल है। 'ग्लोबल राइस आर्काइव' समेत नौ 'एक्सपीरियंस ज़ोन' में चावल की अलग-अलग किस्में, सांस्कृतिक विरासत और कमर्शियल इस्तेमाल के बारे में दिखाया जाएगा।
25 अक्टूबर को आम लोगों के लिए 'राइस फेस्टिवल' आयोजित किया जाएगा, जिसमें कंज्यूमर, शेफ़ और परिवार एक साथ आएंगे। इस फेस्टिवल के खाने-पीने वाले हिस्से को ITC होटल्स तैयार करेगा। प्रोग्राम के मुताबिक, इसमें 50 से ज़्यादा देशों के चावल से बने व्यंजन और 25 से ज़्यादा तरह की बिरयानी पेश की जाएगी।