नई दिल्ली,
वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया, उस पर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। यूरोपीय संघ और कनाडा ने जहां तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की बात कही है, वहीं इज़राइल ने इस कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ईयू वेनेजुएला की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और वहां शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक परिवर्तन का समर्थन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाधान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ईयू के विदेश नीति प्रमुख काजा कालास के साथ मिलकर वेनेजुएला में मौजूद यूरोपीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी तरह यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भी चिंता जताते हुए तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईयू वेनेजुएला में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समावेशी समाधान के समर्थन में बना रहेगा।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि कनाडा ने 2019 से ही वेनेजुएला में अपना दूतावास बंद कर रखा है और उसने मादुरो सरकार की वैधता को कभी मान्यता नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मादुरो शासन ने असहमति रखने वालों और राजनीतिक विरोधियों का दमन किया है। आनंद ने कहा कि कनाडा अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की मांग करता है और कोलंबिया के बोगोटा स्थित दूतावास के माध्यम से जरूरतमंद कनाडाई नागरिकों की मदद के लिए तैयार है।
इसके उलट, इज़राइल के विदेश मंत्री गिदेओन साआर ने अमेरिकी कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि इज़राइल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का समर्थन करता है और “अवैध तानाशाही” से पीड़ित वेनेजुएला की जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने इसे आतंक और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम बताया।
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कहा कि वेनेजुएला में सैन्य अभियान चार दिन पहले ही योजना के तहत तैयार था, लेकिन मौसम के कारण इसे टालना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में अमेरिकी पक्ष को कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और यह अभियान अत्यंत पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने घोषणा की कि मादुरो और उनकी पत्नी पर नशीले पदार्थों की तस्करी और नार्को-आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं और अब उन्हें अमेरिकी अदालतों में न्याय का सामना करना होगा।
यह घटनाक्रम अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पहले से जारी तनाव को और गहरा करने वाला माना जा रहा है।






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