नई दिल्ली।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने बांग्लादेश के नागरिकों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी मीडिया चैनल फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने बांग्लादेश सहित दुनिया के कुल 75 देशों के नागरिकों को वीजा जारी न करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम 21 जनवरी से प्रभावी होगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने इन 75 देशों में स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों (कांसुलेट्स) को निर्देश भेजे हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि वीजा जांच प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की जा रही है और इस दौरान इन देशों के नागरिकों द्वारा दिए गए नए वीजा आवेदनों को अस्वीकार किया जाना चाहिए।
फॉक्स न्यूज के अनुसार, शुरुआत में कुछ देशों के नाम सार्वजनिक किए गए थे, लेकिन बाद में यह स्पष्ट किया गया कि बांग्लादेश भी इस सूची में शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि यह कदम अस्थायी है और वीजा नीति की समीक्षा पूरी होने तक लागू रहेगा।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार वीजा नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। उन्होंने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों के प्रवेश को सीमित करना है, जो अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता या सामाजिक लाभ योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं। उनके अनुसार, यह नीति राष्ट्रीय हित और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपनाई गई है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि दक्षिण एशिया के देशों में बांग्लादेश के प्रवासियों को अमेरिका में सबसे अधिक सरकारी लाभ प्राप्त होते हैं। माना जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में यह सख्त फैसला लिया गया है।
वीजा रोक की इस सूची में एशिया, अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र के कई देश शामिल हैं। इनमें अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, ईरान, इराक, सीरिया, रूस, नाइजीरिया, मिस्र, ब्राजील, थाईलैंड, श्रीलंका नहीं लेकिन कई अन्य विकासशील और उभरते देश शामिल हैं। बांग्लादेश के अलावा भारत के पड़ोसी देश नेपाल और पाकिस्तान का नाम भी इस सूची में है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह रोक कितने समय तक लागू रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक कारणों से अमेरिका जाने की योजना बना रहे हजारों लोगों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, यह देखना अहम होगा कि वीजा नीति की समीक्षा के बाद अमेरिका इस फैसले में कोई बदलाव करता है या नहीं।