अमेरिकी टैरिफ धमकी के बावजूद रूस ने ईरान के साथ व्यापार जारी रखने का ऐलान किया

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 15-01-2026
Despite US tariff threats, Russia has announced that it will continue trading with Iran.
Despite US tariff threats, Russia has announced that it will continue trading with Iran.

 

मॉस्को।

रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के दबाव और संभावित आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद वह ईरान के साथ अपने व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को जारी रखेगा। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा का रूस–ईरान संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मॉस्को में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लावरोव ने कहा, “हमें ईरान और अपने अन्य आर्थिक साझेदारों के साथ किए गए समझौतों पर काम करना चाहिए और उन्हें पूरी तरह लागू करते रहना चाहिए।” उन्होंने संकेत दिया कि रूस अमेरिकी चेतावनियों के बावजूद अपनी स्वतंत्र विदेश और व्यापार नीति पर कायम रहेगा।

क्रेमलिन ने भी अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। रूसी सरकार का कहना है कि ईरान को आर्थिक रूप से घेरने के लिए टैरिफ बढ़ाने जैसी नीतियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। क्रेमलिन के एक बयान में कहा गया, “जब अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश इस तरह का आक्रामक और दबावपूर्ण रवैया अपनाता है, तो इसका एक ही मतलब निकलता है—वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।”

गौरतलब है कि इससे पहले चीन ने भी अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की घोषणा को खारिज कर दिया था और ईरान के साथ अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। ऐसे में रूस और चीन दोनों का रुख अमेरिका के लिए कूटनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, ईरान के भीतर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से देश के कई हिस्सों में अशांति फैली हुई है। शुरुआत में तेहरान की सड़कों पर दुकानदारों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए, जो बाद में व्यापक सरकार-विरोधी आंदोलन में बदल गए। एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन का दावा है कि सरकारी कार्रवाई में अब तक 2,400 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।

दरअसल, 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे ये राजनीतिक विरोध में बदल गए। प्रदर्शनकारियों ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को समाप्त करने तक की मांग कर डाली। बीबीसी फारसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, तेहरान और कराज जैसे प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है, जिससे सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में कमी आई है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी अधिकारियों ने पिछले गुरुवार से इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं। इसके चलते आम नागरिक न केवल बाहरी दुनिया से कट गए हैं, बल्कि आपस में संवाद करने में भी असमर्थ हो गए हैं। ऐसे हालात में ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन रूस का समर्थन तेहरान के लिए एक अहम कूटनीतिक राहत माना जा रहा है।