तेहरान
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले Hormuz Strait को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालात इस कदर बिगड़ते दिख रहे हैं कि दोनों देशों के बीच किसी भी समय टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
ईरान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने इस जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो उसे “कड़ी और निर्णायक प्रतिक्रिया” का सामना करना पड़ेगा। ईरान की इस चेतावनी ने क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के राजनीतिक विंग के उप प्रमुख यदोल्लाह जवानी ने अमेरिकी नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वॉशिंगटन ईरान पर दबाव बनाकर इस जलमार्ग को अपने अनुसार नियंत्रित करना चाहता है, लेकिन यह संभव नहीं होगा। उन्होंने ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने पिछले 40 दिनों में कई प्रयास किए, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।
जवानी के मुताबिक, अमेरिका की मौजूदा रणनीति ईरान को झुकाने की है, ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए मजबूर हो जाए। लेकिन उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उनका कहना था कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि अब वह अकेला वैश्विक महाशक्ति नहीं रहा, बल्कि उसे एक ऐसे देश का सामना है जो हर स्तर पर उसका मुकाबला करने की क्षमता रखता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान को दोहराते हुए जवानी ने कहा कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य या रणनीतिक ताकत का इस्तेमाल करने की कोशिश की, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि किसी भी टकराव की स्थिति में ईरान न सिर्फ जवाब देगा, बल्कि अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर देगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका की नीतियों को लेकर ईरान पहले से ही सख्त रुख अपनाए हुए है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता विवाद इसे और अधिक गंभीर बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के एक बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है, ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे सकती है।
कुल मिलाकर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता यह तनाव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और आर्थिक संतुलन के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक या सैन्य कदम इस संकट की दिशा तय करेंगे।





