कुआलालंपुर।
मलेशिया के प्रख्यात इस्लामी विचारक और विद्वान Seyyed Muhammad Naquib al-Attas का आज शाम निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने इस विद्वान ने इस्लामी शिक्षा और सभ्यता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मलेशियाई अधिकारियों ने जताया शोक
धार्मिक मामलों की मंत्री Zulkifli Hassan ने सोशल मीडिया पर उन्हें मुस्लिम समुदाय का अनमोल रत्न बताया। मंत्री ने कहा कि सैयद नकीब ने इस्लामी दुनिया में ज्ञान की लौ को फिर से प्रज्वलित किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सैयद नकीब को अपने समय के महानतम विचारकों में से एक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ऐसे दार्शनिक थे जिन्होंने ज्ञान के उद्देश्य और अर्थ पर सवाल उठाए।
साहित्य और संस्थाओं में योगदान
सैयद नकीब ने इस्लामी शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना में नेतृत्व किया। इनमें Malaysian Islamic Youth Movement, National University of Malaysia, और Institute of Civilization and Malay Studies शामिल हैं।
उन्होंने इस्लाम और धर्मनिरपेक्षता, तत्वमीमांसा और ज्ञान की धार्मिक नींव पर अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से बौद्धिक आधार प्रस्तुत किया। उनका काम इस्लामी परिप्रेक्ष्य और आधुनिक सोच को जोड़ने का अनूठा प्रयास माना जाता है।
सम्मान और मान्यता
सैयद नकीब को उनके योगदान के लिए अक्टूबर 2024 में Royal Professor की उपाधि से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया और मुस्लिम जगत ने उनके विचारों को सुना और स्वीकार किया।
अंतिम समय और श्रद्धांजलि
सैयद नकीब अल-अत्तास ने रमज़ान की 28 तारीख को इस दुनिया को अलविदा कहा। उनका निधन रविवार शाम 6:47 बजे हुआ। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, शिष्यों और भक्तों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।उनकी जीवन यात्रा ज्ञान, धर्म और सभ्यता के लिए समर्पित रही। उनकी रचनाएँ और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। अल्लाह तआला उन पर अपनी रहमत बरसाए और उन्हें नेक लोगों में उच्च स्थान प्रदान करे। अल-फातिहा।