तेहरान।
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने देश के नए सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Mojtaba Hosseini Khamenei के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है। क़ानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें इस्लामी क्रांति का तीसरा सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।
अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि इस नियुक्ति का समय इस्लामी कैलेंडर के महत्वपूर्ण चरण, क़दर की पहली रात, के साथ मेल खाता है। उन्होंने ट्विटर के समान प्लेटफॉर्म पर लिखा, "इस्लामी क्रांति के तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में हिज एमिनेंस की योग्य नियुक्ति पर बधाई।"
कूटनीति और सुरक्षा संस्थाओं का वचन
अधिकारियों ने नए नेता के प्रति पूरी निष्ठा जताई है। अराघची ने कहा कि राष्ट्रीय हितों, नागरिकों के अधिकार और सुरक्षा की रक्षा में वे कभी पीछे नहीं हटेंगे। उनका यह संदेश ईरान की कड़ी विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
शीर्ष अधिकारियों ने जताया समर्थन
आधिकारिक प्रसारणकर्ता Press TV के अनुसार ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने नियुक्ति को देश के लिए "सुखद और निर्णायक कदम" बताया। उन्होंने कहा कि नया नेता धर्मपरायण और साहसी है। जनता के लिए पूर्ण अनुपालन एक "धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य" है।
सुरक्षा परिषद के सचिव Ali Larijani ने भी नियुक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाहरी दबाव और चुनौतियों के बावजूद क़ानूनी प्रक्रिया के तहत नया नेता चुना गया।
क्रांति की विरासत सुरक्षित
क्रांति के संस्थापक के पोते Seyyed Hassan Khomeini ने भी नई नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने इसे कानून की जीत और देश की आध्यात्मिक और राजनीतिक स्थिरता के संकेत के रूप में देखा।सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की नींव को बाहरी दबाव और साम्राज्यवादी हितों से सुरक्षित रखेगा। साथ ही यह ईरानी इस्लामी गणराज्य के राजनीतिक निरंतरता और नेतृत्व की वैधता को मजबूत करेगा।
इस प्रकार ईरान की नई नेतृत्व प्रणाली न केवल आंतरिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इसे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नीति में मजबूती के रूप में भी देखा जा रहा है।





