इस्लामाबाद
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बढ़ते असर के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को देश में संभावित ईंधन संकट से निपटने के लिए कई अहम कदमों की घोषणा की। इनमें सरकारी और निजी क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था और चार दिन का कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है।
सरकारी पीटीवी और अन्य निजी चैनलों के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि वह ऐसे समय देशवासियों से बात कर रहे हैं जब पूरा क्षेत्र युद्ध के गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का प्रभाव सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र से आने वाली तेल आपूर्ति पर निर्भर है। मौजूदा संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो रही है, जिससे देश को आर्थिक दबाव और संभावित ईंधन संकट का सामना करना पड़ सकता है।
यह स्थिति ऐसे समय पैदा हुई है जब ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल का युद्ध जारी है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो रही है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है, जो दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
शरीफ ने कहा कि सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की संभावित कमी से निपटने के लिए कई एहतियाती कदम उठाने का फैसला किया है, ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। उन्होंने ईरान द्वारा कुछ मुस्लिम देशों पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा भी की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।