भारत-अमेरिका ऊर्जा गलियारा वार्ता में भारत की वृद्धि-आधारित ऊर्जा प्राथमिकताओं पर जोर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-02-2026
India-US Energy Corridor Dialogue highlights India's growth-driven energy priorities
India-US Energy Corridor Dialogue highlights India's growth-driven energy priorities

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कौंसुल जनरल डी सी मंजुनाथ ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने की महत्वाकांक्षा दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा से गहराई से जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि भरोसेमंद एवं किफायती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छ प्रौद्योगिकियों तथा नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी उद्योग के साथ संवाद और सहयोग बेहद अहम है।
 
ह्यूस्टन स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास (सीजीआई) ने यहां अपने कार्यालय में अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के सहयोग से ‘ग्लोबल एनर्जी आउटलुक’ 2026 पर चार फरवरी को एक उच्चस्तरीय अमेरिका-भारत ऊर्जा गोलमेज बैठक आयोजित की।
 
इस बैठक में वैश्विक ऊर्जा, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों के 30 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, हनीवेल, गेल, लार्सन एंड टुब्रो, वेदरफोर्ड, लैंजाटेक, एसएंडपी ग्लोबल, मैकिन्से और सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स के प्रतिनिधि शामिल थे।
 
भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि यह गोलमेज बैठक साझा ऊर्जा चुनौतियों और व्यावसायिक अवसरों पर नीति निर्माताओं तथा उद्योग जगत के लोगों के बीच संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराने के उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
 
यह गोलमेज बैठक फरवरी 2026 के भारत-अमेरिका व्यापार ढांचे पर सहमति बनने के बाद हुई। इसमें ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को द्विपक्षीय वृद्धि के प्रमुख कारक के रूप में चिह्नित किया गया।
 
अधिकारियों ने बताया कि लांजा टेक तथा हनीवेल जैसी कंपनियों की भागीदारी भारत के औद्योगिक और विमानन क्षेत्रों से जुड़ी सतत विमानन ईंधन एवं कार्बन पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियों में बढ़ती व्यावसायिक रुचि को दर्शाती है।