ICE has 10,000 foreign students on its radar.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (आईसीई) ने कहा कि उसने कई भारतीय छात्रों समेत 10,000 विदेशी छात्रों की पहचान की है जिन पर अपने वीजा के ‘वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण’ (ओपीटी) प्रावधान का दुरुपयोग कर संदिग्ध नियोक्ताओं के लिए काम करने का आरोप है।
ओपीटी छात्र वीजा पर अमेरिका में आने वाले विदेशी छात्रों को 12 महीने तक और कुछ मामलों में 24 महीने तक काम करने की अनुमति देता है। यह छात्रों को नियोक्ताओं द्वारा प्रायोजित एच-1बी वीजा में परिवर्तित होने का अवसर भी देता है।
मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आईसीई के कार्यवाहक निदेशक टॉड लायंस ने कहा कि छात्र वीजा कार्यक्रम का ओपीटी प्रावधान ‘‘धोखाधड़ी का केंद्र’’ बन गया है और गृह सुरक्षा विभाग द्वारा इसकी कई जांच की जा चुकी हैं।
लायंस ने कहा, ‘‘हमें ऐसे मामले मिले हैं जिनमें जासूसी, जैविक खतरों, बौद्धिक संपदा की चोरी, वीजा और रोजगार धोखाधड़ी और यहां तक कि बुजुर्ग अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले घोटाले भी शामिल हैं। इन सभी में ऐसे लोग शामिल पाए गए जिन्होंने छात्र होने की अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश विदेशी छात्र कार्यक्रम से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा।’’