Eight Arab nations condemned Israel's stance on Gaza.
लंदन
सऊदी अरब समेत आठ अरब और इस्लामिक देशों ने गाजा युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों के बीच इजरायल के रुख की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने कहा कि गाजा के लिए प्रस्तावित अमेरिकी योजना को इजरायल द्वारा खारिज किया जाना युद्ध खत्म करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, तुर्किये, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने रविवार को जारी संयुक्त बयान में इजरायल के उस रुख पर चिंता जताई, जिसमें उसने गाजा के लिए ट्रंप की व्यापक योजना के रोडमैप का विरोध किया है। यह रोडमैप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 से समर्थित बताया गया है।
फिलिस्तीनी राज्य के विरोध पर भी आपत्ति
विदेश मंत्रियों ने इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को खारिज किए जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसा रुख अमेरिकी प्रस्तावित योजना के क्रियान्वयन के साथ-साथ गाजा और पूरे कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की कोशिशों को कमजोर कर सकता है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों में बाधा आने, जमीन पर हालात बिगड़ने, मानवीय सहायता में देरी, सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने या पुनर्निर्माण प्रक्रिया रुकने की स्थिति में इजरायल को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
क्या है गाजा का प्रस्तावित रोडमैप?
रिपोर्ट के अनुसार, यह रोडमैप मिस्र, कतर, तुर्किये और अमेरिका की मध्यस्थता के साथ तैयार किया गया है। इसमें हमास समेत सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण, इजरायली सेना की वापसी, अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती और गाजा के प्रशासनिक अधिकारों को एक राष्ट्रीय समिति को सौंपने का प्रस्ताव शामिल है।
योजना में गाजा के पुनर्निर्माण और क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता बहाल करने पर भी जोर दिया गया है। संबंधित देशों के विदेश मंत्रियों ने रोडमैप को तत्काल और पूरी तरह लागू करने की मांग की है, ताकि गाजा के गंभीर मानवीय संकट से निपटा जा सके और पुनर्निर्माण एवं राहत कार्य शुरू हो सकें।
दो-राष्ट्र समाधान पर जोर
संयुक्त बयान में आठों देशों ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना जरूरी है, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम हो।
उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य के दर्जे को रोकने या नकारने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई को खारिज किया। उनके मुताबिक, ऐसे कदम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की संभावनाओं को और कमजोर कर सकते हैं।
ट्रंप की योजना पर बढ़ी कूटनीतिक हलचल
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 9 अगस्त को ट्रंप की 15 सूत्रीय गाजा योजना को खारिज करते हुए कहा था कि हमास के पूरी तरह निरस्त्र होने तक इजरायली सेना गाजा से वापस नहीं जाएगी।
दूसरी ओर, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने पिछले महीने दावा किया था कि गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण को लेकर समझौता हुआ है। हमास ने हालांकि कहा है कि इजरायल को सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकने और गाजा से अपनी सेना हटाने के बाद ही वह भारी हथियार छोड़ने पर विचार करेगा।
रविवार को ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर ने मिस्र में योजना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हुई बैठकों में हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने हमास नेताओं से निरस्त्रीकरण संबंधी प्रतिबद्धता पूरी करने पर चर्चा की। कुशनर के सोमवार को इजरायल जाकर नेतन्याहू से मिलने की भी उम्मीद है।