ईरान में प्रदर्शनकारियों के लिए मृत्युदंड की मांग

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-01-2026
Death penalty demanded for protesters in Iran.
Death penalty demanded for protesters in Iran.

 

दुबई

ईरान में पिछले कई हफ्तों से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और उनके खूनी दमन के बाद भले ही हालात फिलहाल असहज शांति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हों, लेकिन सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर तनाव और आक्रोश अब भी साफ झलक रहा है। इसी क्रम में ईरान के एक वरिष्ठ कट्टरपंथी मौलवी ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर हालात को और गंभीर बना दिया है।

कट्टरपंथी मौलवी अयातुल्ला अहमद खातमी ने शुक्रवार को नमाज के दौरान अपने उपदेश में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद कठोर भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने न सिर्फ हिरासत में लिए गए लोगों को फांसी देने की मांग की, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी चेतावनी भरे शब्दों में घेरा। ईरान के सरकारी रेडियो और मीडिया ने इस उपदेश का प्रसारण किया।

खातमी ने प्रदर्शनकारियों को “सशस्त्र पाखंडी” करार देते हुए नमाज में शामिल लोगों से नारे लगाने के लिए उकसाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का “गुलाम” और ट्रंप का “सैनिक” बताया।

अमेरिका का नरम रुख

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए ईरान के नेतृत्व को हिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी न देने के लिए धन्यवाद दिया। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान इस ओर संकेत करता है कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल किसी संभावित सैन्य कार्रवाई से पीछे हट सकता है और कूटनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना सकता है।

आर्थिक संकट से शुरू हुआ आंदोलन

ईरान में 28 दिसंबर को खराब आर्थिक हालात, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे देश की धार्मिक सत्ता और शासन व्यवस्था को चुनौती देने लगे। सरकार की ओर से की गई सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। फिलहाल राजधानी तेहरान में प्रदर्शन थमे हुए हैं, लेकिन इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद हैं, जिससे हालात की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल बनी हुई है।

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक मरने वालों की संख्या 3,090 तक पहुंच चुकी है। हालांकि, ईरान सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

निर्वासित युवराज की अपील

इस बीच, ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने अमेरिका से हस्तक्षेप के अपने वादों को निभाने की अपील की है। उन्होंने ईरान की जनता से संघर्ष जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।कुल मिलाकर, ईरान में भले ही सड़कों पर फिलहाल शांति दिख रही हो, लेकिन सत्ता के भीतर दिए जा रहे बयान यह संकेत दे रहे हैं कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है और हालात किसी भी समय फिर से बिगड़ सकते हैं।