आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में भारी गिरावट आई और यह 18 प्रतिशत लुढ़ककर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर 10,029 रुपये प्रति बैरल पर खुला था। बाद में यह और लुढ़कता हुआ 1,894 रुपये या 17.75 प्रतिशत फिसलकर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
यह मंगलवार को करीब चार प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,990 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह मई में आपूर्ति वाला अनुबंध भी 1,413 रुपये या 15 प्रतिशत फिसलकर 8,012 रुपये प्रति बैरल के निचले सर्किट स्तर पर पहुंच गया। तनाव कम होने से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं घटने के बीच बाजार में तेज बिकवाली देखी गई।
वैश्विक बाजारों में भी अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल कीमतों में गिरावट आई। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के करीब पांचवें हिस्से के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई में आपूर्ति वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 16.28 डॉलर या 14.41 प्रतिशत फिसलकर 96.67 डॉलर प्रति बैरल रह गया। कारोबार के दौरान यह 21.9 डॉलर या 19.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ एनवाईमेक्स पर 91.05 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर पर पहुंच गया।