अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद बॉन्ड पर प्रतिफल 0.12 प्रतिशत घटकर सात प्रतिशत से नीचे आया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-04-2026
Bond yields fell 0.12 percentage points to below 7 percent after the US-Iran ceasefire.
Bond yields fell 0.12 percentage points to below 7 percent after the US-Iran ceasefire.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने के फैसले से बुधवार को भारतीय बॉन्ड पर प्रतिफल करीब 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ सात प्रतिशत से नीचे आ गया।
 
भारतीय समाशोधन निगम के अनुसार, सुबह के कारोबार में 10-वर्षीय मानक बॉन्ड (6.48 प्रतिशत जीएस 2035) का प्रतिफल 7.04 प्रतिशत से घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया।
 
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद बॉन्ड बाजार की धारणा बेहतर हुई है। युद्धविराम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई जिससे भारत के लिए आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम कम हुआ।
 
फिलहाल ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 94.94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी है, जो पिछले कुछ दिनों में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी।
 
पश्चिम एशिया संघर्ष में दो सप्ताह का यह युद्धविराम शर्तों के अधीन है। इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
 
इस बीच, अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखी जिससे बॉन्ड प्रतिफल को और समर्थन मिला।
 
यह नीतिगत निर्णय ऐसे समय आया है जब करीब 40 दिन से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं हैं और भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए राजकोषीय एवं मुद्रास्फीति संबंधी दबाव बढ़े।
 
पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से बॉन्ड प्रतिफल करीब 0.33 प्रतिशत बढ़ गया था और तब से यह लगातार सात प्रतिशत के ऊपर बना था जो बॉन्ड बाजार में निवेशकों की निरंतर बिकवाली को दर्शाता है।