सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएस कमांडिंग जनरल वॉवेल से की बैठक, रक्षा साझेदारी मजबूत बनाने पर चर्चा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 13-03-2026
COAS General Upendra Dwivedi meets with US Commanding General Vowell; discusses strengthening defense partnership.
COAS General Upendra Dwivedi meets with US Commanding General Vowell; discusses strengthening defense partnership.

 

 नई दिल्ली

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने के प्रयासों के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका आर्मी पैसिफिक (USARPAC) के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वॉवेल ने भारतीय थल सेना के प्रमुख, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी से नई दिल्ली में मुलाकात की।

बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास और नए ऐसे तरीकों पर चर्चा की, जो सेना से सेना सहयोग को और गहरा बनाने में सहायक हो सकते हैं। अतिरिक्त निदेशक जनरल, पब्लिक इन्फॉर्मेशन (ADG PI) ने X प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए संदेश में बताया कि यह बातचीत मुख्य रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और कई डोमेन में सैन्य सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।

इस बैठक में दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक समन्वय और उभरते सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए साझा प्रतिबद्धता को दोबारा पुष्ट किया गया। इससे भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई दिशा और गति मिलेगी।

इससे पहले भारतीय सेना और फ्रांसीसी सेना ने 9 और 10 मार्च को एक 'सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज' आयोजित किया। इसका उद्देश्य पेशेवर सैन्य सहयोग को मजबूत करना और आधुनिक युद्ध की विकसित तकनीकों पर आपसी समझ बढ़ाना था। इस एक्सचेंज में विशेष रूप से लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमताओं और अत्याधुनिक प्रिसिजन वेपन सिस्टम के प्रयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।

ADG PI ने X प्लेटफॉर्म पर बताया कि इस कार्यक्रम में दोनों सेनाओं के प्रतिनिधियों ने संचालन, डोक्ट्रिनल विकास और प्रिसिजन फायर एवं डीप-स्ट्राइक क्षमताओं में वैश्विक प्रवृत्तियों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। इस प्रकार के एक्सचेंज मित्र राष्ट्रों के बीच सैन्य ज्ञान, संचालन संबंधी अनुभव और तकनीकी उन्नति साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम और उच्च स्तरीय बैठकों से भारत और अमेरिका की सेना के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ता है, साथ ही यह दोनों देशों को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तैयार करता है। यह पहल दोनों देशों की लंबी अवधि की रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी।