The match between KKR and LSG will test the captaincy of Rahane and Pant.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कहा जाता है कि कप्तान उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम होती है तथा ऋषभ पंत और अजिंक्य रहाणे के लिए यह कड़वी सच्चाई साबित हो रही हैं जिनकी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) रविवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में आमने-सामने होंगी।
आईपीएल 2025 के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी केकेआर ने रहाणे को कप्तान बनाए रखकर साहसिक फैसला किया लेकिन उनकी अगुवाई में टीम इस सत्र में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है।
केकेआर को अपनी पहली जीत दर्ज करने में सात मैच लगे। यह जीत भी उसे सामूहिक प्रयास से नहीं बल्कि रिंकू सिंह के व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत मिली।
रहाणे ने अब तक कुछ मैच में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन वह अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए हैं जो कि इस प्रारूप में जरूरी है। उनकी उम्र लगभग 38 वर्ष है और ऐसे में उन्हें लंबी अवधि तक टी20 टीम का कप्तान बनाए रखना इस प्रारूप की मांगों के अनुरूप नहीं लगता है।
कमजोर तेज गेंदबाजी आक्रमण और स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती के नहीं चल पाने से भी रहाणे की मुश्किलें बढ़ी। यही नहीं टीम अभी तक सही संयोजन भी तैयार नहीं कर पाई है।
रचिन रविंद्र को अभी तक एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है जबकि उनके देश न्यूजीलैंड के फिन एलन और टिम सीफर्ट के बीच बिना किसी स्पष्टता के अदला-बदली का खेल चल रहा है।
रहाणे के कप्तान के रूप में कुछ फैसले भी टीम के लिए सही नहीं रहे। पिछले कुछ मैच में वह स्वयं भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उन पर दबाव बढ़ गया है।
केकेआर भले ही इकाना स्टेडियम में कुछ हद तक लय में उतरें, लेकिन उसके अभी केवल तीन अंक हैं और उसे अपने शेष सात मैचों में से कम से कम छह में जीत हासिल करनी होगी जो उसके प्रदर्शन को देखकर असंभव लगता है।
एलएसजी का अभियान भी अब तक अच्छा नहीं रहा है। ऋषभ पंत की अगुवाई वाली इस टीम ने केवल दो मैच जीते हैं और उस पर जल्दी बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। लगातार चार हार और कप्तान के कई फैसलों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है।
पंत स्वयं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर का रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 67 रन की पारी के बाद से उन्होंने पांच पारियों में केवल 72 रन बनाए हैं, जिसमें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ तीन गेंदों पर शून्य पर आउट होना भी शामिल है।
लखनऊ की मुश्किल पिच पर 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पहला विकेट जल्दी गंवाने के बाद पंत क्रीज पर उतरे लेकिन उन्होंने गैर जिम्मेदाराना अंदाज में अपना विकेट इनाम में दिया।
एलएसजी का अपने घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन इस साल भी जारी रहा। पिछले सत्र में उसे यहां खेले गए आठ मैचों में से छह में हार मिली, जिसमें लगातार पांच हार शामिल हैं। इस साल उसने यहां तीन मैच गंवाए हैं। एलएसजी ने इस मैदान पर खेले गए कुल 24 मैचों में से केवल नौ में जीत हासिल की है।
उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी रही है और शीर्ष क्रम के बार-बार लड़खड़ाने से मध्य क्रम की कमजोरियां उजागर हो गई हैं।
विदेशी खिलाड़ियों में निकोलस पूरन (73 रन) और एडन मार्क्रम (162 रन) उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। मुकुल चौधरी भी एक पारी में 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाने के बाद उसे दोहराने में नाकाम रहे हैं।