नई दिल्ली
इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 167 पदक हासिल किए, जिनमें 54 स्वर्ण शामिल हैं, जिससे वह तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। रूस दूसरे स्थान पर है, जिसने 11 स्वर्ण सहित कुल 23 पदक हासिल किए।
पुरुषों की 400 मीटर टी13 स्पर्धा में भी भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। सुबोध भट्ट ने 51.88 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता, प्रियांशु कौशिक 53.19 सेकंड में रजत और अवनिल कुमार 56.91 सेकंड में कांस्य पदक पर रहे।
टी46-टी47 वर्ग की 400 मीटर स्पर्धा में भाविककुमार दीन भरवाड़ ने 49.89 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता, जबकि जसबीर 50.09 सेकंड में रजत पदक पर रहे। सर्बिया के इवान क्वेतकोविक 50.93 सेकंड में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
पुरुषों की 400 मीटर टी53-टी54 व्हीलचेयर वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन का जलवा दिखाया। मनोजकुमार सबपति 54.33 सेकंड में स्वर्ण, अनिल कुमार 57.57 सेकंड में रजत और मणिकंदन जोथी 1:01.94 में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
महिलाओं की स्पर्धाओं में भी भारत ने दमदार प्रदर्शन किया। 400 मीटर टी11-टी12 स्पर्धा में तेजलबेन अमराजी डामोर 57.53 सेकंड में स्वर्ण जीतने में सफल रहीं। ललिता किलाका ने 1:07.92 में रजत और शालिनी चौधरी 1:16.79 में कांस्य पदक हासिल किया।
महिलाओं की चक्का फेंक एफ36-एफ37-एफ40 स्पर्धा में लक्ष्मी ने 7.76 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। अकुताई सीताराम उलभगत 5.49 मीटर के थ्रो के साथ रजत और भूटान की चिमी डेमा 5.27 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक पर रहीं। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में अपनी ताकत और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।





