भारतीय बॉक्सिंग में स्थिरता जरूरी, अजय सिंह के नेतृत्व के समर्थन में बोरिस वान डर वोर्स्ट

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 03-11-2026
Stability is necessary in Indian boxing, Boris Van der Vorst in support of Ajay Singh's leadership
Stability is necessary in Indian boxing, Boris Van der Vorst in support of Ajay Singh's leadership

 

नई दिल्ली।

भारतीय मुक्केबाजी में नेतृत्व और प्रशासनिक कामकाज को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वर्ल्ड बॉक्सिंग के पूर्व अध्यक्ष बोरिस वान डर वोर्स्ट ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी की हालिया उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए स्थिरता और निरंतरता बेहद जरूरी है। खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौजूदा नेतृत्व को जारी रखने की जरूरत है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में वान डर वोर्स्ट ने बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह और फेडरेशन के सीईओ अरुण मलिक के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों ने भारतीय मुक्केबाजी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को भेजने और उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में किए गए प्रयास उल्लेखनीय हैं।

बीएफआई अध्यक्ष और सचिव के बीच मतभेदों की खबरों से भारतीय मुक्केबाजों की प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर के सवाल पर वान डर वोर्स्ट ने कहा कि किसी भी फैसले में खिलाड़ियों का हित सबसे ऊपर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी के मौजूदा हालात में स्थिरता की जरूरत है। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में ऐतिहासिक पदक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक तैयार किए गए खेल तंत्र और नेतृत्व की निरंतरता खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।

वान डर वोर्स्ट के मुताबिक, अगले दो वर्षों से भी कम समय में भारतीय मुक्केबाजी को अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। ऐसे में नेतृत्व में स्थिरता खिलाड़ियों के विकास और प्रदर्शन के लिहाज से अहम होगी।

अजय सिंह के निवेश और भारतीय प्रतिभाओं की तारीफ

अजय सिंह की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में वान डर वोर्स्ट ने भारतीय मुक्केबाजी में उनके वित्तीय योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिंह बीएफआई और भारतीय मुक्केबाजी में काफी निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में केवल एलीट स्तर पर ही नहीं, बल्कि युवा मुक्केबाजों के बीच भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। विभिन्न आयु वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश में मुक्केबाजी की मजबूत संभावनाओं को दर्शाती हैं।

वान डर वोर्स्ट ने यह भी कहा कि भारतीय मुक्केबाजी के विकास के लिए वित्तीय सहयोग का दायरा बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, केवल बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के निवेश पर निर्भर रहने के बजाय अन्य लोगों और संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए।

उन्होंने कारोबारी जगत से जुड़े लोगों को भारतीय मुक्केबाजी में निवेश करने की सलाह देते हुए कहा कि इस खेल में भारत के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। उनके विचार में मुक्केबाजी ऐसा क्षेत्र है, जहां निवेश से भविष्य में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।

जमीनी स्तर पर मुक्केबाजों की मेहनत से प्रभावित

भारत में जमीनी स्तर पर मुक्केबाजी के माहौल का जिक्र करते हुए वान डर वोर्स्ट ने अपनी पहली भारत यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि देश के स्थानीय जिम में युवा मुक्केबाजों का समर्पण, अनुशासन और मेहनत देखकर वह काफी प्रभावित हुए थे।

उन्होंने कहा कि गर्मी में भी दिन में दो बार अभ्यास करने वाले युवा खिलाड़ियों की लगन उन्हें दूसरे देशों की तुलना में खास नजर आती है। उनके अनुसार, भारतीय मुक्केबाजी में प्रतिभा के साथ-साथ आगे बढ़ने की मजबूत इच्छाशक्ति भी दिखाई देती है।

वान डर वोर्स्ट ने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी के विकास के लिए अब विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर तालमेल और अवसरों को पहचानना जरूरी है। उन्हें उम्मीद है कि देश इस क्षमता को बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में बदल सकता है।

लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बड़ी उम्मीदें

भारतीय मुक्केबाजी के भविष्य को लेकर आशावादी नजरिया पेश करते हुए वान डर वोर्स्ट ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रतिभा और खिलाड़ियों की मेहनत को सही अवसर और समर्थन मिला तो भारत बड़ी पदक उपलब्धि हासिल कर सकता है।

बीएफआई के नेतृत्व और कामकाज को लेकर जारी चर्चाओं के बीच वान डर वोर्स्ट की टिप्पणी में स्थिरता, खिलाड़ियों के हित और व्यापक वित्तीय सहयोग को भारतीय मुक्केबाजी के भविष्य के लिए अहम बताया गया है। हालांकि, उनका बयान फेडरेशन के भीतर मतभेदों के समाधान या किसी आधिकारिक फैसले की घोषणा नहीं है।