आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण उच्च सदन में आज शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।
पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने के बाद हंगामे के कारण इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। दोपहर 12 बजे बैठक फिर शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा देखने को मिला और बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दो बजे भी हंगामा नहीं थमा और उपसभापति हरिवंश ने एक ही मिनट के भीतर बैठक को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर कार्यवाही संचालित करने के लिए आसन पर आये उप सभापति हरिवंश ने सदन में एक विधेयक पेश करने को कहा।
सदन की संशोधित कार्य सूची के अनुसार आज गृह मंत्री अमित शाह को राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करना था। इस विधेयक में 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान है।
इसी बीच कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर नारेबाजी और शोरगुल करने लगे।
विरोध कर रहे सदस्यों को शांत कराने का प्रयास करते हुए हरिवंश ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि सदन में आज जो भी कामकाज सूचीबद्ध है, उसी पर आप बात कर सकते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों से कहा कि वे यदि इस प्रकार का व्यवहार करते रहे तो फिर सदन कैसे चलाया जा सकता है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने और सदन में चर्चा शुरू करने की अपील की।
हरिवंश ने कहा, ‘‘सदन में चर्चा के लिए प्रक्रियाओं के नियम आप (सदस्यों) ने ही बनाये हैं। उन नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने दीजिए।’’
उन्होंने कहा कि सदस्य यदि किसी विषय पर चर्चा के लिए सभापति से अनुमति चाहते हैं तो इसके लिए भी नियमों में प्रावधान दिये गये हैं।