आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से फुटबॉल जगत में अपने पांवों का जादू बिखरने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो अभी तक विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं और 41 साल की उम्र में अब उनके पास इस खेल की सबसे बड़ी ट्रॉफी जीतने का आखिरी मौका होगा।
पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी ने लगभग हर ट्रॉफी अपने नाम की है लेकिन वह कभी विश्व कप नहीं जीत पाए। पांच बार बैलोन डीओर विजेता रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 226 मैच में 143 गोल किए हैं जो विश्व रिकॉर्ड है।
इस साल की शुरुआत में सऊदी प्रो लीग में अपनी क्लब टीम अल नासर की तरफ से खेलते समय उनकी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था जिसके कारण वह एक अप्रैल को अटलांटा में पुर्तगाल और अमेरिका के बीच मैत्री मैच में नहीं खेल पाए थे।
रोनाल्डो अगर चोटिल नहीं होते हैं तो उनका विश्व कप की टीम में शामिल होना निश्चित है। अगर वह विश्व कप में खेलते हैं तो वह 2014 में मिशिगन में रियाल मैड्रिड की तरफ से मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ खेले गए मैच के बाद पहली बार अमेरिकी धरती पर खेलेंगे।
रोनाल्डो इस तरह से अर्जेंटीना के अपने प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेस्सी के साथ छह विश्व कप में खेलने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन सकते हैं। रोनाल्डो ने नवंबर में सीएनएन को बताया था कि यह विश्व कप ‘निश्चित रूप’ से उनका आखिरी विश्व कप होगा।
पुर्तगाल को विश्व कप में ग्रुप के में रखा गया है जहां उसका सामना कोलंबिया, उज्बेकिस्तान और कांगो से होगा। इसे देखते हुए पुर्तगाल का अगले दौर में पहुंचना लगभग निश्चित लग रहा है।
पुर्तगाल विश्व रैंकिंग में भले ही पांचवें स्थान पर काबिज हो, लेकिन पिछले साल नवंबर में क्वालीफाइंग में आयरलैंड के हाथों 2-0 की हार ने टीम को करारा झटका दिया था। यह हार इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि रोनाल्डो को एक डिफेंडर को कोहनी मारने के लिए लाल कार्ड दिखाया गया था।
रोनाल्डो को दो मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ा। पुर्तगाल ने वापसी करते हुए आर्मेनिया को 9-1 से हराकर विश्व कप में अपनी जगह पक्की की।