नई दिल्ली/वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करेंगे। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेज़बानी उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को मिली है, जो 4 जनवरी से 11 जनवरी तक आयोजित की जाएगी।
उद्घाटन समारोह वाराणसी स्थित डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में होगा। एक सप्ताह तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और विभिन्न संस्थागत इकाइयों की कुल 58 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता में 1,000 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिससे इसे भारतीय वॉलीबॉल के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, यह टूर्नामेंट न केवल कड़े मुकाबलों और खेल भावना का प्रदर्शन करेगा, बल्कि भारतीय वॉलीबॉल में उभरती और स्थापित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगा। वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी देशभर के खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं की निगाहें रहेंगी।
वाराणसी में राष्ट्रीय स्तर की इस चैंपियनशिप का आयोजन शहर में खेल अवसंरचना के विकास और खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है। बीते कुछ वर्षों में वाराणसी केवल धार्मिक और सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि खेल और बड़े राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। यह आयोजन सरकार की उस व्यापक सोच के अनुरूप है, जिसके तहत शहर को बड़े स्तर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली स्थित राय पीठोरा सांस्कृतिक परिसर में पिपरहवा पवित्र अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था। “द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन” शीर्षक से आयोजित इस प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र रत्न अवशेषों को 127 वर्षों बाद पुनः भारत लाया गया है।
प्रधानमंत्री ने इसे भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत की ऐतिहासिक वापसी बताया और कहा कि अब देशवासी भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गौरव का क्षण बताते हुए इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित प्रयासों की सराहना की।






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