गुरुग्राम (हरियाणा)
DLF गोल्फ एंड कंट्री क्लब में आयोजित 'विमेंस इंडियन ओपन' ने गोल्फ में जूनियर से प्रोफेशनल स्तर तक के सफर की एक स्पष्ट झलक पेश की: 'लेडीज यूरोपियन टूर' में हिस्सा लेने वाली 114 खिलाड़ियों में से 21 ऐसी थीं, जो पहले 'U.S. किड्स गोल्फ' इवेंट्स में खेल चुकी थीं। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस समूह में 8 भारतीय और 13 अंतरराष्ट्रीय गोल्फर शामिल थीं - जो कुल खिलाड़ियों का 18.4% है। बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में चेक गणराज्य की सारा कौस्कोवा (T4) [यूरोपियन चैंपियनशिप: 2009] और ऑस्ट्रिया की एम्मा स्पिट्ज़ (T12) [यूरोपियन चैंपियनशिप: 2012 (विजेता), 2013; वर्ल्ड चैंपियनशिप: 2012] शामिल थीं।
भारत की अवनि प्रशांत (T22) का जूनियर स्तर पर लंबा रिकॉर्ड रहा है [वर्ल्ड चैंपियनशिप: 2014, 2015, 2016, 2017, 2018, 2019; यूरोपियन चैंपियनशिप: 2013, 2014, 2015, 2016, 2017, 2018], जबकि अन्वी दहिया (T22) ने 2019 में 'इंडिया लोकल टूर' इवेंट्स में हिस्सा लिया था। 13 वर्षीय ओजस्विनी सारस्वत ने 'कट' पार किया और 'बेस्ट एमेच्योर' (सर्वश्रेष्ठ शौकिया खिलाड़ी) का सम्मान हासिल किया। उनके रिकॉर्ड में 'इंडिया लोकल टूर' के 22 इवेंट्स (2019, 2020, 2021, 2022) में 19 जीत शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप (2022, 2023, 2024, 2025) और यूरोपियन चैंपियनशिप (2022, 2024) में भी हिस्सा लिया है। 'U.S. किड्स गोल्फ' से जुड़ी अन्य खिलाड़ियों में लावण्या गुप्ता, अनन्या सूद, गुंटास कौर संधू, जॉर्जिया ओबो और काइयुरी मूडली शामिल थीं।
'प्रायोरिटी स्टेटस' (प्राथमिकता दर्जा) के जरिए वैश्विक अवसर। U.S. किड्स गोल्फ दुनिया भर में हर साल 2,200 से ज़्यादा टूर्नामेंट आयोजित करता है। खिलाड़ी अपने अच्छे प्रदर्शन के ज़रिए 'प्रायोरिटी स्टेटस' (प्राथमिकता का दर्जा) हासिल कर सकते हैं। इससे उन्हें यूरोपियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड टीन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट्स में आमंत्रण पाने में मदद मिलती है, बशर्ते वे उस इवेंट की उम्र, स्टेटस और एंट्री से जुड़ी शर्तों को पूरा करते हों। एशिया के लोकल टूर से लेकर पाइनहर्स्ट तक, यह प्रोग्राम अलग-अलग कोर्स और संस्कृतियों में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी अनुभव हासिल करने के कई मौके देता है।
1996 में शुरू हुआ U.S. किड्स गोल्फ, उम्र के हिसाब से होने वाली प्रतियोगिताओं, परिवार की भागीदारी और जूनियर खिलाड़ियों के विकास पर केंद्रित है। 2026 हीरो विमेंस इंडियन ओपन, जिसे पोर्ननोंग फातलुम ने जीता, इस बात को साबित करता है कि आज के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के पीछे कई सालों की कड़ी मेहनत, माता-पिता का सहयोग और जूनियर टूर्नामेंटों का बड़ा योगदान होता है।