महारानी ट्रॉफी से महिला क्रिकेट को मिलेगी नई उड़ान

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 21-07-2026
Maharani Trophy to give a new boost to women's cricket.
Maharani Trophy to give a new boost to women's cricket.

 

बेंगलुरु:

भारतीय महिला क्रिकेटर श्रेयांका पाटिल ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) की ओर से शुरू की गई महारानी ट्रॉफी केएससीए टी20 प्रतियोगिता को महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि घरेलू स्तर पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की तर्ज पर फ्रेंचाइजी आधारित टूर्नामेंट का आयोजन युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा और महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

सोमवार को आयोजित ट्रॉफी अनावरण समारोह के दौरान श्रेयांका पाटिल ने कहा कि यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अब तक खिलाड़ी आईपीएल और डब्ल्यूपीएल जैसे बड़े मंचों पर ट्रॉफी अनावरण और पेशेवर आयोजन का अनुभव देखते थे, लेकिन अब घरेलू क्रिकेट में भी उसी तरह का माहौल तैयार किया जा रहा है, जो बेहद उत्साहजनक है।

श्रेयांका ने कहा, "केएससीए की ओर से इस तरह ट्रॉफी का अनावरण करना शानदार पहल है। हमने आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में ऐसे आयोजन देखे हैं। अब घरेलू स्तर पर भी ऐसा माहौल बनना महिला क्रिकेट के लिए गर्व और खुशी की बात है।"

पांच फ्रेंचाइजी टीमें लेंगी हिस्सा

महारानी ट्रॉफी केएससीए टी20 में इस बार पांच फ्रेंचाइजी टीमें भाग लेंगी। इनमें बेंगलुरु ब्लास्टर्स, हुबली टाइगर्स, मंगलुरु ड्रैगन्स, मैसूर वॉरियर्स और शिवमोग्गा लायनेस शामिल हैं। प्रतियोगिता का आयोजन 4 अगस्त से 10 अगस्त तक किया जाएगा।

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले बेंगलुरु के अलूर क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे, जबकि फाइनल मुकाबला 10 अगस्त को भारत के प्रतिष्ठित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होगा। इस आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े स्टेडियम में खेलने और पेशेवर माहौल का अनुभव मिलेगा।

महिला क्रिकेट को मिलेगा नया मंच

केएससीए के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि महिला खिलाड़ियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कर्नाटक की कई महिला क्रिकेटरों ने महिला प्रीमियर लीग और भारतीय टीम तक अपनी जगह बनाई है और ऐसी प्रतियोगिताएं भविष्य में और अधिक प्रतिभाओं को सामने लाने का माध्यम बनेंगी।

वेंकटेश प्रसाद ने कहा, "आज हमारे पास श्रेयांका पाटिल जैसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हमें उम्मीद है कि इस तरह की पहल से आने वाले वर्षों में कई नई श्रेयांका पाटिल तैयार होंगी। महिला क्रिकेटरों को अवसर देना ही इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उद्देश्य है।"

उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को चिन्नास्वामी स्टेडियम जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर खेलने और फ्लडलाइट्स में मुकाबले खेलने का मौका मिलना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। इससे उन्हें बड़े टूर्नामेंटों के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार होने में मदद मिलेगी।

फ्लडलाइट में खेलने का मिलेगा अनुभव

पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर डायना एडुल्जी ने भी महारानी ट्रॉफी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देगी। उनके अनुसार भारतीय महिला क्रिकेटरों के लिए फ्लडलाइट्स में नियमित रूप से खेलना बेहद जरूरी है, क्योंकि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और महिला प्रीमियर लीग के मैच इसी माहौल में आयोजित होते हैं।

डायना एडुल्जी ने कहा, "फ्लडलाइट्स में खेलने का अवसर महिला खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे वे बड़े मैचों के दबाव और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सकेंगी। यह अनुभव भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाएगा।"

महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में अहम कदम

पिछले कुछ वर्षों में भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। महिला प्रीमियर लीग की सफलता के बाद अब विभिन्न राज्य क्रिकेट संघ भी महिला खिलाड़ियों के लिए पेशेवर फ्रेंचाइजी आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहे हैं। इससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धा, अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन और बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि महारानी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट भविष्य में भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे न केवल कर्नाटक बल्कि देशभर की उभरती महिला क्रिकेटरों को प्रेरणा मिलेगी और भारतीय महिला क्रिकेट को नई मजबूती मिलेगी।