दुबई
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल) में इंडिया चैंपियंस के मालिक सुमंत बहल का कहना है कि क्रिकेट के प्रति उनका गहरा जुनून और हॉस्पिटैलिटी तथा मनोरंजन उद्योग में उनका पेशेवर अनुभव उन्हें टीम का मालिक बनने की ओर ले गया। उन्होंने इसे अपने क्रिकेट से जुड़ाव का स्वाभाविक अगला कदम बताया।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से योग्यताप्राप्त अंपायर सुमंत बहल इंग्लैंड में अंपायरिंग भी करते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनका प्यार इतना गहरा है कि जब डब्ल्यूसीएल में टीम का मालिक बनने का अवसर मिला, तो उन्हें दोबारा सोचने की जरूरत नहीं पड़ी।
एएनआई से बातचीत में बहल ने कहा, “हम भारतीय हैं और क्रिकेट हमारे खून में है। ऐसे में क्रिकेट के लिए प्रेरणा की जरूरत होने का सवाल ही नहीं उठता। हम हॉस्पिटैलिटी और मनोरंजन के कारोबार में हैं और बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। वहां से क्रिकेट टीम का मालिक बनना हमारे लिए स्वाभाविक अगला कदम था। मैं खुद ईसीबी से योग्यताप्राप्त अंपायर हूं और इंग्लैंड में अंपायरिंग करता हूं। क्रिकेट के प्रति मेरा जुनून और प्यार इतना गहरा था कि यह अवसर मिलते ही मुझे दोबारा सोचने की जरूरत नहीं पड़ी।”
भारत और इंग्लैंड के क्रिकेट की तुलना करते हुए बहल ने कहा कि दोनों देशों में खेल का स्तर काफी ऊंचा है। हालांकि, उनके मुताबिक, खेलने की परिस्थितियां दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर है और उसकी लोकप्रियता भी दूसरी टीमों के मुकाबले काफी अधिक है। इसके बावजूद खेल के वास्तविक स्तर के लिहाज से दोनों देशों का क्रिकेट उत्कृष्ट है।
इंडिया चैंपियंस की टीम में युवराज सिंह, हरभजन सिंह और यूसुफ पठान जैसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ काम करने के अनुभव पर बहल ने कहा कि बड़े सितारों को संभालना मुश्किल होने की धारणा सही नहीं है।
उन्होंने बताया कि पहले सीजन से पूर्व टीम प्रबंधन के मन में कुछ आशंकाएं थीं। इसकी एक वजह बड़े बॉलीवुड कार्यक्रमों के आयोजन का उनका अनुभव भी था, जहां अलग-अलग कलाकारों के साथ काम करना पड़ता है।
हालांकि, पहले सीजन में खिलाड़ियों से मुलाकात और साथ काम करने के बाद उनकी आशंकाएं दूर हो गईं। बहल के मुताबिक, अब डब्ल्यूसीएल का तीसरा सीजन चल रहा है, लेकिन किसी भी खिलाड़ी ने प्रबंधन के सामने कोई परेशानी खड़ी नहीं की है।
उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी धारणा है, जो शायद पहले सीजन से पहले हमारे मन में थी। बड़े बॉलीवुड कार्यक्रमों के आयोजन के अनुभव के कारण शुरुआत में थोड़ी आशंका जरूर थी। लेकिन जब पहले सीजन में सभी खिलाड़ी आए और हमारी मुलाकात हुई, तो सारी चिंताएं दूर हो गईं। अब हम तीसरे सीजन में हैं और किसी भी खिलाड़ी को संभालने में कोई परेशानी नहीं हुई। सभी खिलाड़ी सहज, सहयोगी और मिलनसार हैं। टीम का माहौल एक परिवार जैसा है।”
बहल ने कहा कि डब्ल्यूसीएल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर टीम के साथ पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई बड़े सितारे जुड़े हैं। इस तरह के खिलाड़ियों का जमावड़ा किसी दूसरी लीग में देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि इस मामले में डब्ल्यूसीएल दुनिया की प्रमुख क्रिकेट लीगों के बराबर खड़ी है। टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा का स्तर भी काफी ऊंचा है।
बहल के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के प्रति वही जुनून और गर्व दिखाते हैं, जो अपने करियर के दौरान दिखाते थे।
उन्होंने कहा, “डब्ल्यूसीएल का अनूठा वैश्विक आकर्षण यह है कि हर टीम में जिस स्तर के बड़े सितारे शामिल हैं, वैसा किसी दूसरी लीग में देखने को नहीं मिलता। इस लिहाज से यह आज दुनिया की प्रमुख क्रिकेट लीगों के साथ खड़ी है। यहां प्रतिस्पर्धा पूरी तरह से होती है।”
खिलाड़ियों के देश की जर्सी पहनने के महत्व पर उन्होंने कहा, “जब आप अपने देश के प्रतीक चिह्न वाली जर्सी पहनते हैं और देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो आप एक सैनिक की तरह होते हैं। खिलाड़ी मैदान पर जबरदस्त प्रतिस्पर्धी भावना के साथ उतरते हैं।”
बहल ने कहा कि पूर्व खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जिंदगी अब पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित है। इससे वे प्रशंसकों और दूसरे खिलाड़ियों के साथ अधिक सहजता से बातचीत कर पाते हैं। इसका सकारात्मक असर मैच देखने आने वाले दर्शकों के अनुभव पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूसीएल में प्रशंसकों को अपने पसंदीदा पुराने क्रिकेट सितारों को दोबारा मैदान पर खेलते देखने के साथ उनसे करीब से जुड़ने का अवसर मिलता है। यही बात इसे सामान्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग बनाती है।
इंडिया चैंपियंस के मालिक ने कहा, “इसका नतीजा यह है कि यहां स्टेडियम में आने वाले दर्शकों और प्रशंसकों के लिए मैच का अनुभव सामान्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में कहीं अधिक करीबी और आनंददायक होता है।”
डब्ल्यूसीएल 2026 में इंडिया चैंपियंस मंगलवार को वेस्टइंडीज चैंपियंस के खिलाफ अहम मुकाबले में उतरेगी। इस मैच को टूर्नामेंट के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।