एशियाड स्वर्ण पदक विजेता तीरंदाज प्रथमेश ने दो साल का प्रतिबंध स्वीकार किया: आईटीए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-06-2026
Asian Games gold medallist archer Prathamesh accepts two-year ban: ITA
Asian Games gold medallist archer Prathamesh accepts two-year ban: ITA

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने कहा कि एशियाई खेलों में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीरंदाज प्रथमेश जावकर ने दो साल का प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है जो पिछले साल तीन बार अपने स्थान की जानकारी नहीं देने के कारण लगाया गया।

प्रथमेश 2022 एशियाड में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली उस तिकड़ी का हिस्सा थे जिसमें ओजस प्रवीण देवतले और अभिषेक वर्मा भी शामिल थे। उन्होंने 12 महीने के अंदर तीन बार अपने ठिकाने की जानकारी नहीं देने की गलती की थी।
 
उन्हें सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 12 सदस्यीय भारतीय तीरंदाजी टीम में शामिल नहीं किया गया था।
 
विश्व तीरंदाजी की ओर से डोपिंग से जुड़े मामलों को देखने वाली आईटीए ने एक बयान में कहा, ‘‘आईटीए की रिपोर्ट है कि तीरंदाज प्रथमेश समाधान जावकर ने विश्व तीरंदाजी के डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 2.4 के तहत अपने एडीआरवी के लिए तय नतीजों को स्वीकार कर लिया है। ’’
 
इसमें कहा गया, ‘‘एथलीट ने एडीआरवी को चुनौती नहीं दी और आईटीए द्वारा बताई गई सजा को मान लिया। इस तरह सजा को स्वीकार करके मामला सुलझा लिया गया। ’’
 
इसके अनुसार, ‘‘एथलीट के अयोग्य रहने की अवधि 19 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2028 तक है। इसके अलावा एक अक्टूबर 2025 के बाद एथलीट के सभी व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धी नतीजे अमान्य कर दिए गए हैं जिसमें पदक, अंक और पुरस्कार भी शामिल हैं। ’’
 
इस फैसले को विश्व तीरंदाजी डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 13.2.3 के तहत अपील करने का अधिकार रखने वाली पक्ष खेल पंचाट में चुनौती दे सकती हैं।
 
‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (आरटीपी) में शामिल खिलाड़ियों की यह जिम्मेदारी है कि वे रोजाना अपने स्थल की जानकारी दें और साथ ही एक खास 60 मिनट का समय भी बताएं जब वे परीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगे जिसमें प्रथमेश भी शामिल हैं।
 
बाईस वर्षीय प्रथमेश ने 2023 में शंघाई और पेरिस विश्व कप में क्रमशः व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में एक-एक स्वर्ण पदक भी जीता था।