नई दिल्ली।
स्ट्रॉबेरी का मीठा और ताजा स्वाद बहुत लोगों को पसंद आता है। पहले इसे विदेशी फल माना जाता था, लेकिन अब यह भारत में भी आसानी से मिल जाती है। कई लोग इसे शौक से खाते हैं। हालांकि मधुमेह के मरीजों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि क्या स्ट्रॉबेरी खाना उनके लिए सुरक्षित है।
विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह रोगी सीमित मात्रा में स्ट्रॉबेरी खा सकते हैं। यह फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है और शरीर को कई तरह के लाभ देता है। सही मात्रा में इसका सेवन करने से रक्त शर्करा पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता।
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल
स्ट्रॉबेरी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है। इसका मतलब यह है कि इसे खाने से रक्त में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यही कारण है कि डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ मधुमेह रोगियों को सीमित मात्रा में स्ट्रॉबेरी खाने की सलाह देते हैं।कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ शरीर में धीरे धीरे पचते हैं और रक्त शर्करा को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
फाइबर से भरपूर
स्ट्रॉबेरी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है। इससे ग्लूकोज धीरे धीरे रक्त में पहुंचता है और शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता।एक कप स्ट्रॉबेरी में करीब 11 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। यह पेट को जल्दी भरने का अहसास भी कराती है। इससे ज्यादा खाने की आदत पर भी नियंत्रण रहता है।
एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत
स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। ये शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।मधुमेह के मरीजों में दिल और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ फायदेमंद माने जाते हैं।
अध्ययनों में भी मिला सकारात्मक संकेत
कई शोधों में यह पाया गया है कि नियमित रूप से स्ट्रॉबेरी खाने से रक्त शर्करा के स्तर को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि जिन लोगों में टाइप 2 मधुमेह का खतरा होता है, उनमें स्ट्रॉबेरी का सेवन लाभकारी हो सकता है।
संतुलित मात्रा में ही करें सेवन
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि मधुमेह रोगियों को किसी भी मीठे फल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। स्ट्रॉबेरी को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाया जाए तो यह स्वाद के साथ सेहत भी दे सकती है।





