नई दिल्ली
मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। लगातार बारिश और बढ़ी हुई नमी के कारण घरों में फफूंद, बैक्टीरिया और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। यदि इस मौसम में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान न दिया जाए, तो डेंगू, मलेरिया, फंगल संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सामान्य गलतियों से बचकर घर को स्वच्छ और परिवार को स्वस्थ रखा जा सकता है।
बरसात के मौसम में दीवारों, अलमारी के पीछे, बाथरूम और रसोई के कोनों में नमी जमा होना आम बात है। यदि इन जगहों की नियमित सफाई न की जाए तो वहां फफूंद (मोल्ड) पनपने लगती है, जो एलर्जी, सांस संबंधी समस्याओं और त्वचा रोगों का कारण बन सकती है। इसलिए नमी वाली जगहों को समय-समय पर साफ करें और घर में पर्याप्त हवा का आवागमन बनाए रखें।
बारिश के कारण अक्सर लोग कपड़े घर के अंदर ही सुखाते हैं। लेकिन यदि कमरे में हवा का उचित प्रवाह नहीं हो तो कपड़े लंबे समय तक गीले रहते हैं, जिससे उनमें बदबू और फफूंद लग सकती है। कपड़ों को जल्दी सुखाने के लिए पंखा, एग्जॉस्ट फैन या डिह्यूमिडिफायर का उपयोग करें और संभव हो तो उन्हें हवादार स्थान पर फैलाएं।
बरसात का जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण बनता है। कूलर, गमले, बाल्टियां, पुराने टायर और बंद नालियों में जमा पानी डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इसलिए पानी जमा न होने दें और जिन बर्तनों में पानी रखना जरूरी हो, उन्हें हमेशा ढककर रखें।
बरसात में भीगने के बाद यदि जूते और मोजे पूरी तरह नहीं सुखाए जाते, तो उनमें नमी बनी रहती है। यह फंगल संक्रमण, एथलीट फुट और त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है। भीगे हुए जूतों को अच्छी तरह सुखाएं और आवश्यकता पड़ने पर सूखे जूते-मोजे पहनें।
रसोई में इस्तेमाल होने वाले स्पंज और पोछे बरसात में जल्दी गीले हो जाते हैं। इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और ये संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इन्हें नियमित रूप से धोएं, अच्छी तरह सुखाएं और समय-समय पर बदलते रहें।
मानसून में नमी के कारण भोजन जल्दी खराब हो सकता है। खुले भोजन में बैक्टीरिया और फफूंद तेजी से विकसित होते हैं। इसलिए पके हुए भोजन को हमेशा ढककर रखें और बचा हुआ खाना तुरंत फ्रिज में रख दें। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।
बरसात के मौसम में फल और सब्जियां अक्सर मिट्टी, कीटाणुओं और कीटनाशकों के संपर्क में रहती हैं। इन्हें बिना अच्छी तरह धोए खाने या पकाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सभी फल और सब्जियों को साफ बहते पानी से अच्छी तरह धोने के बाद ही उपयोग करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान घर को सूखा और साफ रखना सबसे जरूरी है। नियमित रूप से कूड़ा बाहर निकालें, बाथरूम और रसोई की सफाई करें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और घर में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें। साथ ही, व्यक्तिगत स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें। हाथों को बार-बार धोना, साफ कपड़े पहनना और स्वच्छ भोजन का सेवन करना इस मौसम में संक्रमण से बचने के प्रभावी उपाय हैं।
थोड़ी-सी सावधानी और नियमित साफ-सफाई की आदत अपनाकर आप मानसून का आनंद भी ले सकते हैं और अपने परिवार को मौसमी बीमारियों से भी सुरक्षित रख सकते हैं।