लद्दाख में जनगणना 2027 का कार्य पूरा: अधिकारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
Work on Census 2027 completed in Ladakh: Official
Work on Census 2027 completed in Ladakh: Official

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
लद्दाख में जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया हर तरह से पूरी हो गई है और इसके साथ ही जिला जनगणना पुस्तिका (डीसीएचबी) के लिए बचा हुआ क्षेत्रिय कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डीसीएचबी प्रक्रिया में सभी 244 गांव और दो अधिसूचित नगर क्षेत्र (लेह और कारगिल) शामिल किए गए और इसे शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
 
शर्मा ने कहा, "लद्दाख पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है और वहां जनसंख्या गणना का काम भी पूरा हो चुका है। केवल डीसीएचबी से संबंधित क्षेत्रीय कार्य शेष था, जिसे कल (30 अक्टूबर) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही लद्दाख में जनगणना से संबंधित सभी कार्य पूरे हो गए हैं और लद्दाख का जनगणना संबंधी आंकड़ा अब हर तरह से शत-प्रतिशत उपलब्ध है।"
 
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे शर्मा ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन, मूल्यांकन और अंतिम प्रकाशन के लिए आंकड़े अब उपलब्ध हैं।
 
उन्होंने इस उपलब्धि को जनगणना 2027 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डीसीएचबी प्रक्रिया में सभी 244 गांव और दो अधिसूचित नगर क्षेत्र (लेह और कारगिल) शामिल किए गए और इसे शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
 
शर्मा ने कहा, "लद्दाख पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है और वहां जनसंख्या गणना का काम भी पूरा हो चुका है। केवल डीसीएचबी से संबंधित क्षेत्रीय कार्य शेष था, जिसे कल (30 अक्टूबर) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही लद्दाख में जनगणना से संबंधित सभी कार्य पूरे हो गए हैं और लद्दाख का जनगणना संबंधी आंकड़ा अब हर तरह से शत-प्रतिशत उपलब्ध है।"
 
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे शर्मा ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन, मूल्यांकन और अंतिम प्रकाशन के लिए आंकड़े अब उपलब्ध हैं।
 
उन्होंने इस उपलब्धि को जनगणना 2027 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।