डब्ल्यूईएफ: वैश्विक दिग्गजों के सामने दावोस में दमदार उपस्थिति के लिए तैयार भारत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-01-2026
WEF: India ready to make a strong presence at Davos in front of global giants
WEF: India ready to make a strong presence at Davos in front of global giants

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में भारत एक दमदार प्रतिनिधित्व के लिए तैयार है। सोमवार से शुरू होने वाले पांच दिवसीय इस आयोजन में दुनिया भर के दिग्गज एक चुनौतीपूर्ण दुनिया में ''संवाद की भावना'' विषय पर चर्चा करेंगे।
 
सरकार, व्यापार, शिक्षा, बहुपक्षीय निकायों, नागरिक समाज और श्रम संघों के 3,000 से अधिक वैश्विक नेताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े आकर्षण होंगे। ट्रंप अपने मंत्रिमंडल के पांच सदस्यों के साथ आ रहे हैं।
 
भारत से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा कम से कम चार केंद्रीय मंत्रियों - अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू के साथ ही छह मुख्यमंत्रियों और देश के 100 से अधिक शीर्ष मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के शामिल होने की उम्मीद है।
 
बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल हैं।
 
जहां रेड्डी कांग्रेस पार्टी से हैं, सोरेन कांग्रेस की सहयोगी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से और नायडू भाजपा की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी से हैं, वहीं अन्य तीन मुख्यमंत्री भाजपा से हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार (कांग्रेस) के भी वहां रहने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्रियों में नायडू तेदेपा से हैं, जबकि अन्य चार भाजपा से हैं।
 
इसके अलावा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दुनिया भर के अमीर और शक्तिशाली लोगों के इस वार्षिक जमावड़े के लिए दावोस की यात्रा करेंगे।
 
वैश्विक नेताओं में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने वरिष्ठ सहयोगियों- वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ वहां पहुंच सकते हैं। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में लगभग 130 देशों के करीब 3,000 नेता शामिल होंगे, जिनमें 60 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष भी होंगे।
 
भारतीय नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान कई समूह चर्चाओं में भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें 'क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है' विषय पर एक चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा वे द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
 
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन इरानी भी 'अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी' की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में वहां मौजूद रहेंगी, जिसकी स्थापना कुछ साल पहले दावोस में ही हुई थी।
 
इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भरतिया समूह के हरि एस भरतिया और टीवीएस मोटर के सुदर्शन वेणु भी शामिल होंगे।
 
बैठक में एक्सिस बैंक के अमिताभ चौधरी, गोदरेज इंडस्ट्रीज के नादिर गोदरेज, जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल, जेरोधा के निखिल कामथ, भारती समूह के सुनील भारती मित्तल, इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी, इंफोसिस के सीईओ सलिल एस पारेख, विप्रो के ऋषद प्रेमजी, एस्सार के सीईओ प्रशांत रुइया, पेटीएम के विजय शेखर शर्मा और रिन्यू के सीईओ सुमंत सिन्हा भी शामिल होंगे।
 
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया के साथ ही कई सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख भी वहां होंगे, जिनमें इंडियन ऑयल के अरविंदर सिंह साहनी, गेल के संदीप कुमार गुप्ता, एसबीआई के सी एस शेट्टी और आरईसी के जितेंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं।