Water crisis: GPS-equipped tankers will distribute water in Indore, and private tube wells may be acquired if needed.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में कम बारिश के कारण आसन्न जलसंकट से निपटने के लिए जीपीएस-आधारित निगरानी व्यवस्था के तहत टैंकर से जलापूर्ति बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर निजी नलकूपों का अधिग्रहण भी किया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर जिले में एक जून से 30 सितंबर तक मॉनसून अवधि में 633.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 868.1 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा की तुलना में 27 प्रतिशत कम है।
इंदौर शहर अपनी पेयजल जरूरतों के लिए मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की पाइपलाइन के जरिये पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद से करीब 80 किलोमीटर दूर इंदौर तक नर्मदा का पानी लाया जाता है और फिर इसे शहर भर में वितरित किया जाता है।
हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले इंदौर के करीब 30 प्रतिशत हिस्से में फिलहाल नर्मदा की पाइपलाइन नहीं है।
राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि इंदौर में उन्हें कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनके नलकूपों से निकलने वाले पानी की मात्रा दिनों-दिन कम होती जा रही है।