आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक व्यवसायी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उससे 30 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने पीड़ित व्यवसायी रतन लाल अग्रवाल की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के हवाले से बताया कि 28 सितंबर को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल किया और खुद को एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ते) का अधिकारी बताया।
शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले व्यक्ति ने अग्रवाल से कहा कि उनकी पत्नी अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए कर रही हैं और एक आपराधिक मामले में इस नंबर के शामिल होने की बात सामने आई है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए अग्रवाल से 30 लाख रुपये की मांग की।
शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी ने अग्रवाल को तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और इस दौरान ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिये उन पर लगातार नजर रखी गई तथा उन्हें किसी से भी बात करने से मना किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि अग्रवाल ने डर के कारण इस घटना की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों तक को नहीं दी।