Tribal organizations took to the streets to protest the murder of the village head.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
झारखंड के खूंटी जिले में इस महीने की शुरुआत में एक ग्राम प्रधान की हत्या के विरोध में बंद के आह्वान के बीच शनिवार को आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान आदिवासी बहुल जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए जगह-जगह टायर जलाए।
झारखंड बंद का व्यापक असर शनिवार सुबह खूंटी, सिमडेगा, चाईबासा और गुमला जिलों में देखने को मिला। इन क्षेत्रों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और सड़कों से सार्वजनिक परिवहन नदारद रहा। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्कूल भी बंद रहे।
हालांकि, राज्य की राजधानी रांची में बंद का खास प्रभाव नहीं दिखा क्योंकि यहां बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे तथा लोग अपने कार्यस्थलों पर जाते हुए नजर आए।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य प्रशासन ने सभी जिलों में शांति बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है तथा राजधानी रांची में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
झारखंड बंद को लेकर प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासी नेता लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा, "आज के बंद में 20 से अधिक आदिवासी संगठन भाग ले रहे हैं। हम सोमा मुंडा के लिए न्याय की मांग करते हैं।"
खूंटी थाना क्षेत्र के जियारप्पा गांव में 3.16 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर सात जनवरी को 'आदेल सांगा पड़हा राजा' (22 गांवों के पारंपरिक मुखिया) सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।