Trees shall not be felled without the permission of the competent authority: Uttarakhand High Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मसूरी नगर पालिका को अनुमति के बिना वृक्षों की कटाई नहीं करने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार एवं अन्य पक्षों से इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
देहरादून निवासी प्रवेश सिंह राणा द्वारा इस संबंध में दायर एक याचिका में कहा गया है कि मसूरी नगर पालिका अधिसूचित वन क्षेत्र हुसैनगंज में सड़क चौड़ीकरण कर रही है और इसके लिए उसने ओक (शाहबलूत) तथा कई अन्य पेड़ काट दिए हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि इसके लिए नगर पालिका ने वन विभाग से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की।
सरकार ने बताया कि 13 मार्च, 2026 को मसूरी के वन रेंज अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सक्षम प्राधिकारी से वैध अनुमति लिए बिना ओक के चार तथा तीन अन्य पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। यह भी बताया गया कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ चालान काटे गए हैं और उनके खिलाफ मामले लंबित हैं एवं जांच जारी है।
नगर पालिका ने अदालत को सूचित किया कि मामले की जांच पूरी होने तक काम को रोक दिया गया है।
अदालत ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बिना वृक्षों की कटाई नहीं की जाएगी।
मामले की सुनवाई की अगली तारीख 27 अप्रैल तय की गयी है ।