महाराष्ट्र में वृक्षों का आवरण बढ़ा, वन क्षेत्र घटा और नदियों में प्रदूषण बढ़ा: आर्थिक सर्वेक्षण

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-03-2026
Tree cover increased in Maharashtra, forest area decreased and pollution in rivers increased: Economic Survey
Tree cover increased in Maharashtra, forest area decreased and pollution in rivers increased: Economic Survey

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महाराष्ट्र के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य का पारिस्थितिक परिदृश्य मिश्रित तस्वीर प्रस्तुत करता है, जिसमें वृक्षों के आवरण और वन्यजीव संरक्षण में वृद्धि देखी गई है जबकि प्रमुख वन पारिस्थितिक तंत्रों में कमी तथा प्रमुख नदियों में प्रदूषण में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।

यह सर्वेक्षण बृहस्पतिवार को राज्य विधानमंडल में पेश किया गया।
 
सर्वेक्षण से यह संकेत मिलता है कि लक्षित संरक्षण कार्यक्रमों और सामाजिक वानिकी पहलों से कुछ पर्यावरणीय संकेतकों में सुधार हुआ है, लेकिन वन क्षरण, तीव्र शहरीकरण और अपर्याप्त सीवेज उपचार अब भी राज्य के पारिस्थितिक तंत्र पर दबाव बनाए हुए हैं।
 
सर्वेक्षण के अनुसार, महाराष्ट्र का कुल वन क्षेत्र 50,859 वर्ग किलोमीटर है जो इसके 3,07,713 वर्ग किलोमीटर के भौगोलिक क्षेत्र का 16.5 प्रतिशत है। यह राष्ट्रीय वन नीति के तहत निर्धारित 33 प्रतिशत के मानक से काफी कम है।
 
सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 के आकलन की तुलना में राज्य में वन क्षेत्र में 54.47 वर्ग किलोमीटर की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि ‘‘वन क्षेत्र’’ और ‘‘वृक्ष आवरण’’ अलग-अलग श्रेणियां हैं और पर्यावरणीय स्वास्थ्य का आकलन करते समय इनका परस्पर उपयोग नहीं किया जा सकता है।