TN: Body of missing finance firm employee found near Uchipuli; Highway blocked in protest
रामनाथपुरम (तमिलनाडु)
एक फाइनेंस कंपनी के 26 वर्षीय कलेक्शन एजेंट, जो 5 अक्टूबर से लापता थे, की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनका शव उचिपुली के पास दफना दिया गया। पीड़ित प्रेमकुमार, जो रामनाथपुरम के पास वलंतरावई थेरकुर के रहने वाले थे, 5 अक्टूबर की सुबह से लापता थे, जिसके बाद केनिकराई पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में अहम सुराग 8 अक्टूबर की रात को मिला, जब पुलिस ने उचिपुली थुथी वालासाई इलाके के रहने वाले कालिदास (38) से पूछताछ की। खबरों के मुताबिक, कालिदास ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि लोन की वसूली के लिए जाने पर जब प्रेमकुमार ने उसके और उसकी बेटी के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, तो उसे बहुत गुस्सा आ गया।
कालिदास ने बकाया रकम निपटाने के बहाने प्रेमकुमार को बुलाया और उसे 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे उचिपुली के पास जंगल से सटे एक सुनसान समुद्र तट वाले इलाके में आने को कहा। वहां पहुंचने पर, प्रेमकुमार का गला घोंट दिया गया और पीछे से छुपे हुए चाकू से हमला किया गया, जिससे उनके सिर के पिछले हिस्से में जानलेवा चोटें आईं। इसके बाद कालिदास ने पीड़ित के गले से सोने की चेन (दो सॉवरेन वज़न की) छीन ली और शव को रेत में दफना दिया।
जुर्म कबूलने के बाद, पुलिसकर्मियों ने स्निफर डॉग और फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम के साथ मिलकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की और क्राइम सीन को फिर से तैयार करके घटनाक्रम का पता लगाया। इस हत्या से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। 500 से ज़्यादा लोगों ने वलंतरावई बस स्टैंड के पास रामेश्वरम नेशनल हाईवे पर बड़े पैमाने पर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें भाड़े के गुंडे शामिल थे और सभी मुख्य दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और रामेश्वरम व रामनाथपुरम दोनों रास्तों पर हज़ारों गाड़ियां फंस गईं।
रामनाथपुरम के ज़िला पुलिस अधीक्षक (SP) चंथीस घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। SP ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इसमें शामिल सभी लोगों को सज़ा दिलाई जाएगी और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए राज्य सरकार को औपचारिक रूप से सूचित किया जाएगा। इन आश्वासनों के बाद, सड़क जाम को कुछ समय के लिए हटा लिया गया। हालात शांत होने के बावजूद इलाके में तनाव बना रहा, जिसके चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों ने हाईवे जाम में शामिल 100 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया। इस अपराध की जांच अभी चल रही है।