भारतीय सेना ने मनाया 78वां सेना दिवस, शिमला में ‘नो योर आर्मी’ मेला

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 15-01-2026
The Indian Army celebrated its 78th Army Day, with a 'Know Your Army' fair held in Shimla.
The Indian Army celebrated its 78th Army Day, with a 'Know Your Army' fair held in Shimla.

 

शिमला

भारतीय सेना ने अपने 78वें सेना दिवस पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसका उद्देश्य युवाओं को सेना से जोड़ना और उन्हें देश की सेवा के लिए प्रेरित करना है। इसी कड़ी में सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC), शिमला ने शिमला के रिज ग्राउंड में ‘नो योर आर्मी’ (Know Your Army) प्रदर्शनी का आयोजन किया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन बुधवार को सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर हरजीत सिंह और लीफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह दहिया, चीफ ऑफ स्टाफ, ARTRAC ने किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह युवाओं और जनता को सेना और उसके कार्यों से परिचित कराने का बेहतरीन माध्यम है।

सेना दिवस के अवसर पर ARTRAC ने प्रदर्शनी में हथियार और गोला-बारूद, स्वास्थ्य शिविर, सेल्फी प्वाइंट और आर्मी पाइप बैंड के प्रदर्शन शामिल किए। कार्यक्रम में स्थानीय निवासी, पर्यटक, NCC कैडेट और युवा शामिल हुए, जिन्हें सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

ब्रिगेडियर हरजीत सिंह ने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को सेना के उपकरणों और कार्यप्रणाली के करीब लाना है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में युवा, पर्यटक और NCC कैडेट इसे देखने आए और इसका अनुभव प्रेरक रहा।

NCC कैडेट रिया चौहान ने कहा, “‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी दिखाती है कि हमारे सेना कर्मी देश के लिए कितने बलिदान करते हैं। युवा पीढ़ी के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। इससे हमें सेना में जाने और देश की सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।”

स्थानीय युवक अध्ययन सिंह झामटा ने भी प्रदर्शनी की प्रशंसा की और कहा, “यह जानना अच्छा लगा कि हथियार कैसे काम करते हैं और महिलाओं की सेना में भूमिका क्या है। वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना और उनसे जानना बहुत प्रेरक रहा।”

महाराष्ट्र की पर्यटक सयली कुरुलकर ने कहा कि यह उनका पहला अनुभव था जब उन्होंने भारतीय सेना के हथियारों और उपकरणों को इतने करीब से देखा। उन्होंने कहा, “यह एक जीवनभर का अनुभव है और ऐसे आयोजनों में जनता और सेना का जुड़ाव गर्व का क्षण है।”

प्रदर्शनी ने सेना और जनता के बीच मजबूती से संपर्क स्थापित किया और युवाओं में देशभक्ति और सेना में करियर बनाने की प्रेरणा जगाई।