आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बिहार में पेड़ों और जंगलों से ढका क्षेत्र (हरियाली) छह प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है, जबकि राज्य में फसलों की सिंचाई वाला क्षेत्र बढ़कर दोगुने से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पद्म भूषण से सम्मानित पर्यावरण विशेषज्ञ अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में आई एक साइकिल यात्रा टीम से अपने सरकारी आवास पर बातचीत करते हुए सम्राट चौधरी ने जल संरक्षण, नदियों के पुनरुद्धार और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बिहार में हरियाली का दायरा छह प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। राज्य का सिंचित क्षेत्र (जहां फसलों को पानी देने की व्यवस्था मौजूद है), जो पहले 21 लाख हेक्टेयर था, अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गया है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘इको-टूरिज्म’ (पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्राकृतिक स्थलों की सैर), हरित ऊर्जा और पौधारोपण को लगातार बढ़ावा दे रही है।
नेपाल से आने वाले पानी के कारण इस साल आई बाढ़ का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए गंडक, कोसी और गंगा नदियों के जल बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच एक सहमति बन गई है।