वाराणसी
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस समारोह के तहत वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो के सफल संचालन में भारतीय सेना की 4 एयर फॉर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट ने अहम भूमिका निभाई। रेजिमेंट ने 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित हवाई प्रदर्शन के दौरान संचार व्यवस्था उपलब्ध कराई, जिससे वायुसेना के चालक दल, ग्राउंड कंट्रोलर और आयोजन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बना रहा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम से आयोजित इस एयर शो में सैन्य विमानन और काशी की ऐतिहासिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन के दौरान रेजिमेंट ने एक भरोसेमंद संचार नेटवर्क स्थापित किया, ताकि हवाई प्रदर्शन से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान निर्बाध रूप से हो सके।
संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए कई स्तरों की कनेक्टिविटी के साथ वैकल्पिक संचार सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया था। इससे पूरे आयोजन के दौरान परिचालन संबंधी सूचनाओं का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिली।
स्थानीय नागरिक प्रशासन के समन्वय से रेजिमेंट ने गंगा किनारे आयोजन स्थलों तक समर्पित ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की व्यवस्था भी की। इससे बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिली।
रेजिमेंट की योजना, तकनीकी विशेषज्ञता और टीमवर्क के कारण हवाई प्रदर्शन के दौरान वॉयस और डेटा संचार सुचारू रूप से संचालित हुआ। इस योगदान ने भारतीय सेना, वायुसेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के महत्व को भी रेखांकित किया।
भारतीय सेना की नेटवर्क आधारित और डेटा-केंद्रित कार्यप्रणाली को दर्शाने वाला यह प्रयास आधुनिक सैन्य आयोजनों में मजबूत संचार व्यवस्था की अहमियत को सामने लाता है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित वायुसेना दिवस एयर शो-2026 में हिस्सा लिया। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ थी।कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
एयर शो में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई परिधान विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण आधारित विकास और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
मुख्य रूप से महिला कार्यबल पर आधारित इस पहल को महिलाओं की रोजगार में भागीदारी और महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। इस इकाई से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने और परिधान निर्माण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नई विनिर्माण इकाई का उद्घाटन उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और कपड़ा एवं परिधान उद्योग के विस्तार की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।