‘दक्षेस की भावना’ जीवित है क्योंकि खालिदा जिया के निधन पर दक्षिण एशिया शोकाकुल : यूनुस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
'Spirit of SAARC' alive as South Asia mourns Khaleda Zia's death: Yunus
'Spirit of SAARC' alive as South Asia mourns Khaleda Zia's death: Yunus

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को रेखांकित किया कि दक्षिण एशियाई देश पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर ‘शोक में शामिल होने’ के लिए एक साथ आए और कहा कि ‘‘दक्षेस की भावना जीवित है’’।
 
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित दक्षिण एशिया के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को ढाका में जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।
 
मुख्य सलाहकार के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि यूनुस तीन बार की प्रधानमंत्री और दुनिया की दूसरी महिला मुस्लिम राष्ट्राध्यक्ष के प्रति दक्षेस सदस्य देशों द्वारा दिखाए गए सम्मान से ‘बेहद भावुक’ थे।
 
इसमें कहा गया है कि दक्षिण एशियाई नेताओं के साथ बैठकों के दौरान, यूनुस ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बार-बार जोर दिया।
 
बयान के मुताबिक, युनूस ने मालदीव के उच्च शिक्षा, श्रम और कौशल विकास मंत्री अली हैदर अहमद के साथ बृहस्पतिवार को अपनी मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘कल के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में हमने दक्षेस की सच्ची भावना देखी। दक्षेस की भावना अब भी जीवित है।’’
 
दक्षेस में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। यह 2016 से लगभग निष्क्रिय है और आखिरी द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में हुआ था।
 
वर्ष 2016 में इस्लामाबाद में आयोजित शिखर सम्मेलन में भारत ने शामिल होने से इनकार कर दिया। बाद में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के शामिल होने इनकार के बाद इसे रद्द कर दिया गया था।