आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत ने बाह्य अंतरिक्ष को संघर्ष के बजाय सहयोग का क्षेत्र बनाए रखने पर जोर देते हुए वहां हथियारों की होड़ रोकने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता किए जाने का आग्रह किया है।
सांसद सुधा मूर्ति ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति में बाह्य अंतरिक्ष के मुद्दे पर भारत का पक्ष रखते हुए कहा, ‘‘भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में एक प्रमुख देश है। हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम का संबंध विकास के साथ-साथ सुरक्षा से भी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत का मानना है कि बाह्य अंतरिक्ष हम सभी का है। हम एक पृथ्वी, एक परिवार हैं और हमारा भविष्य भी एक है। हमारा मानना है कि बाह्य अंतरिक्ष को संघर्ष का नहीं बल्कि सहयोग का क्षेत्र होना चाहिए।’’
अंतरिक्ष के क्षेत्र में नए पक्षों के उभरने का जिक्र करते हुए सुधा मूर्ति ने कहा कि असैन्य और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियां और उपकरण अब एक वास्तविकता बन गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ रोकने के तरीकों और उनमें से किसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए, इस पर मतभेद अब भी बने हुए हैं।’’