Some people barged into the CJP protest to further their agenda and create unrest: Fadnavis
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के आंदोलन में शामिल कई लोगों की चिंताएं वास्तविक थीं, लेकिन कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए प्रदर्शन में घुस गए थे।
फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। यदि कोई प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से और विधिवत अनुमति लेकर किया जाता है तो उसे अनुमति दी जाएगी। इस तरह के आंदोलन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार हैं।’’
हालांकि, उन्होंने हिंसा और बिना अनुमति किए जाने वाले प्रदर्शनों के खिलाफ चेतावनी दी।
दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) और विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कॉजपा के ‘संसद चलो’ मार्च में हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किए जाने के बाद संसद मार्ग के निकट सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ‘‘जानबूझकर राजनीतिक अशांति पैदा करने का प्रयास करना, बिना अनुमति के प्रदर्शन करना और हिंसा का सहारा लेना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि वह आंदोलन में शामिल सभी लोगों पर आरोप नहीं लगाना चाहते और यह स्वीकार किया कि कई छात्र वास्तविक चिंताओं के कारण प्रदर्शन कर रहे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी प्रदर्शनकारियों पर आरोप नहीं लगाना चाहता। उनमें से कुछ लोग अच्छे इरादे से आंदोलन में शामिल हुए होंगे।’’
फडणवीस ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, ‘‘यह भी उतना ही सच है कि कुछ लोग केवल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए आंदोलन में शामिल हुए। उनमें से कुछ का नीट से कोई संबंध नहीं है और वे केवल अशांति फैलाना चाहते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनमें से कइयों को यह भी पता नहीं था कि वे किस परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों को यह भी नहीं मालूम कि नीट क्या है या यह परीक्षा कब आयोजित हुई थी। वे केवल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने पूरे मामले में संयम बरता। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सरकार अपने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करना चाहती, लेकिन यदि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित नहीं किया होता तो कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो सकती थीं। पुलिस ने बहुत संयम दिखाया।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।