सेबी ने एलीटकॉन, प्रवर्तक व अन्य को बाजार से प्रतिबंधित किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-03-2026
SEBI Bans Elitecon, Promoters, and Others from the Market
SEBI Bans Elitecon, Promoters, and Others from the Market

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने कथित हेरफेर गतिविधियों एवं भ्रामक खुलासों के आरोप में एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, उसके प्रवर्तक एवं प्रबंध निदेशक विपिन शर्मा और चार अन्य को प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
 
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को जारी अंतरिम एकपक्षीय आदेश में शर्मा और चार अन्य इकाइयों से लगभग 51.26 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई जब्त करने का निर्देश दिया।
 
इसके अलावा सेबी ने कहा कि वह इस मामले में विस्तृत जांच करेगा और
 
‘फोरेंसिक’ लेखा परीक्षक नियुक्त करेगा।
 
यह कार्रवाई एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर में कारोबार की जांच के बाद की गई। जांच में नियामक को प्रथम दृष्टया यह संकेत मिले कि कंपनी और उससे जुड़े लोगों ने परिचालन एवं वित्तीय स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर निवेशकों को गुमराह किया जबकि उसी दौरान ऊंची कीमतों पर शेयर बेचे जा रहे थे।
 
सेबी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने अपने वित्तीय एवं परिचालन स्थिति की भ्रामक तस्वीर पेश करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दबाई।
 
आदेश में कहा गया कि सकारात्मक खुलासे किए गए लेकिन माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े मामलों सहित कुछ प्रतिकूल घटनाक्रमों की जानकारी निवेशकों को पर्याप्त रूप से नहीं दी गई।
 
सेबी ने अपने 82 पृष्ठ के आदेश में कहा, ‘‘ कंपनी के वित्तीय हालात और कामकाज के संबंध में बाहरी दुनिया के सामने केवल सकारात्मक तस्वीर पेश की जा रही थी।’’
 
नियामक ने कहा कि ऐसे चयनात्मक खुलासों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया गया जबकि उसी समय प्रवर्तक एवं उनसे जुड़े पक्ष अपने शेयर बेच रहे थे।
 
सेबी के अनुसार प्रथम दृष्टया साक्ष्य से पता चलता है कि सकारात्मक बाजार धारणा बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया गया जबकि नोटिस प्राप्त पक्ष अपनी हिस्सेदारी बेच रहे थे।
 
नियामक ने कहा कि यह आचरण शेयर कीमत को कृत्रिम रूप से सहारा देने और निवेशकों की रुचि का लाभ उठाने की योजना की ओर संकेत करता है, जिससे बाजार में हेरफेर की आशंका उत्पन्न होती है।
 
इसी के तहत सेबी ने छह इकाइयों को अगले आदेश तक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रतिभूतियों की खरीद-फरोख्त से रोक दिया है। साथ ही संबंधित इकाइयों के बैंक और ‘डीमैट’ खातों को जब्त की गई राशि की सीमा तक फ्रीज करने का भी निर्देश दिया गया है।
 
प्रतिबंधित व्यक्तियों में प्रवर्तक विपिन शर्मा, गैर-प्रवर्तक पवन कुमार राय तथा ऑफ-मार्केट हस्तांतरण पाने वाले गौरव त्यागी, प्रभाकर कुमार और सुजीत चतुर्वेदी शामिल हैं।
 
नियामक ने इन इकाइयों को अपनी संपत्तियों एवं निवेशों का विवरण देने का निर्देश भी दिया है। कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिए फोरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया है।
 
सेबी ने कहा कि कथित गैरकानूनी लाभों के दुरुपयोग को रोकने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।